Monday, December 10, 2018
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भारत में बच्चे ताकतवर महसूस करते हैं और उनका मानना है कि उनकी आवाजें सुनी जाती हैं : सर्वे

आर के मल्होत्रा (दिल्ली)विश्व बाल दिवस के मौके पर यूनिसेफ द्वारा जारी एक नए सर्वे के अनुसार, जब उनसे पूछा गया कि वे क्या महसूस करते हैं जब उनकी जिंदगी को प्रभावित करने वाले निर्णय लिए जाते हैं तो भारत के बच्चे रिपोर्ट करते हैं कि वह सबसे ताकतवर महसूस कर रहे हैं। 52 प्रतिशत बच्चों का मानना है कि उनकी आवाजें सुनी जाती हैं और उनकी राय देश के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। जब यही सवाल अन्य 14 देशों के बच्चों से पूछा गया तो 50 प्रतिशत बच्चे इससे वंचित महसूस करते हैं। नई रिपोर्ट के अनुसार- भारतीय बच्चों के लिए बच्चों के खिलाफ हिंसा,स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच और खराब शिक्षा जैसे मुददे बड़े सरोकार में आते हैं। गरीबी, दादागिरी अथवा दुव्र्यवहार और प्राकृतिक आपदा जैसे मुददे भी अन्य चिंता के रूप में उभर कर आए।। 9-12 आयुवर्ग के 51 प्रतिशत बच्चों ने स्वीकार किया कि दुनियाभर में होने वाली बाल हिंसा को लेकर वे चिंतित हैं, और 13-18 आयुवर्ग के 43 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि अपने ऊपर होने वाली हिंसा उनके लिए काफी सरोकार का विषय है। इस सर्वे के नतीजे यह भी बताते है कि 91 प्रतिशत बच्चों का मानना है कि अगर दुनिया भर के नेता उनकी बात सुनें तो विश्व और बेहतर हो सकता है। भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि डा. यसमीन हक ने कहा, “यह साफ है कि बच्चे उन चुनौतियों के प्रति तीव्र रूप से जागरुक हैं,जिनका सामना दुनिया भर में उनके समकक्ष करते हैं, और यह भी स्पष्ट है कि वे खुद भी इन मुददों द्वारा प्रभावित होने को लेकर भयभीत हैं।’ ’ हकीकत यह है कि हमारे युवा लोग हमें बता रहे हैं कि उन्हें यह एहसास नहीं होता कि उनकी आवाज की सुनवाई होती है,वे खुद को सत्ताविहीन व मताधिकार से वंचित महसूस करते हैं।                   यूनिसेफ के डिप्टी कार्यकारी निदेशक जस्टिन फाॅरसिथ के अनुसार “यह गंभीर बिंदु के साथ आनंद लेने वाला दिन है। बच्चों के लिए,बच्चों के द्वारा दिन,उन बच्चों की जिंदगी बचाने, उनके अधिकारों के लिए लड़नेऔर उनकी क्षमताओं की पुर्ति करने में मदद करने का दिन है।”उन्होंने यह भी कहा कि ’बच्चों को सुनना हमारा कर्तव्य है और प्रत्येक बच्चे के साथ समान व्यवहार हो और उत्पीड़न मुक्त जिंदगी जिए, इस लक्ष्य के प्रति पुनर्प्रतिबद्वता का दिन है।

 इस अवसर‌ पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी मौजूद रहे, उन्होंने बच्चों के सवालों के जवाब दिए और उनके साथ क्रिकेट भी खेला ।
सर्वेक्षण के लिए यूनिसेफ ने 14 देशों में 11 -18 आयु वर्ग के बीच 11,000 से ज्यादा बच्चों को मतदान करने
के लिए कंटार और लाइटस्पीड के साथ काम किया,जिसमें बच्चों के खिलाफ बदमाशी,संघर्ष/युद्व,गरीबी,आतंकवाद और हिंसा सहित वैश्विक मुददों पर उनकी चिंताओं और रुख के बारे में चर्चा हुई। सर्वेक्षण किए गए देशों में ब्राजील, भारत, जापान, केन्या, मलेशिया, मैक्सिको,   नीदरलैंड,न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, मिस्र, दक्षिणअफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अमेरिका शमिल थे।

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