Tuesday, February 19, 2019
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2017 रहा भाजपा के नाम

मानव नागर
2017 में कई राज्यों में चुनाव हुए जहाँ भाजपा ने पंजाब को छोड़कर हर राज्य में अपनी सरकार बनाई | कहीं जोड़ तोड़कर कहीं बहुमत से भाजपा ने सरकार बनाई | जनता ने अमित शाह औऱ नरेंद्र मोदी कि जोड़ी को खूब पसंद किया |
     शुरुआत से बात करे तो पंजाब,उत्तर प्रदेश,गोवा,मणिपुर औऱ उत्तराखंड में चुनाव हुए जहाँ भाजपा-अकाली गठबंधन को सिर्फ पंजाब में हार का सामना करना पड़ा | पंजाब में कांग्रेस कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 77 सीटों पर जीत हासिल की औऱ कैप्टेन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने | इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 112 सीटों पर चुनाव लड़ा पर उन्हें सिर्फ 20 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा | भाजपा के मुख्य नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने शीर्ष नेताओं को कहा भी था की अकाली गठबंधन से भाजपा को हार का सामना ही करना पड़ेगा पर उनकी सुनी नहीं गई तब सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा औऱ जीत हासिल करके मंत्री बने | पंजाब में गठबंधन को तो जनता ने सिरे से नकार दिया पर उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बहुत बड़ी जीत हासिल की | यहाँ भाजपा के खिलाफ सत्तासीन समाजवादी पार्टी औऱ कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा पर जनता ने भाजपा को ही चुना | भाजपा को मुस्लिम के काफी वोट मिले जिसका कारण तीन तलाक पर उनका स्टैंड था | यहाँ भाजपा को 312 सीटों पर जीत हासिल हुई औऱ भाजपा ने बहुत सोच विचारकर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री घोषित किया | उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सिर्फ 7 ,समाजवादी पार्टी 47  औऱ बसपा को सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल हुई | सपा की हार का मुख्य कारण पार्टी में अखिलेश यादव औऱ शिवपाल यादव के बीच मतभेद भी थे जिस कारण पार्टी बंट गई थी | नवम्बर में निकाय चुनाव भी हुए जिसमें भी भाजपा ने शब्दार प्रदर्शन किया कर 11 सीटों पर अपने मेयर बनाये | निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भी उत्तरप्रदेश में दस्तक दी पर हार से ही उनकी शुरुआत हुई |
       उत्तराखंड में कांग्रेस ने हरीश रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ा | तत्कालीन मुख्यमंत्री के कारण उनकी इज्जत दांव पर थी पर परिणाम वही ढाक के तीन पात | उत्तराखंड में भाजपा को 70 में से 57 सीटें मिली वही कांग्रेस को 11 सीटों से संतोष करना पड़ा | हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण औऱ किच्छा से चुनाव लड़ा औऱ दोनों जगह से उन्हें पराजय ही मिली | मुख्यमंत्री पद के लिए निशंक,खंडूरी व अन्य नेताओं की जगह भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया |
         गोवा चुनाव में भाजपा की राजनीती दिखाई दी जहाँ भाजपा 36 में से सिर्फ 13 सीटों के बावजूद सरकार बनाने में सफल हुई | कांग्रेस को 17 सीटें प्राप्त हुई पर कांग्रेस इस राजनीती को समझ नहीं पाई औऱ आज गोवा में विपक्ष में है | तत्कालीन रक्षामंत्री को गोवा में फिर मुख्यमंत्री बनाया गया औऱ मनोहर पर्रिकर अन्य दलों व निर्दलीय के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं | गोवा में भी आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ा पर यहाँ भी उन्हें कोई सीट प्राप्त नहीं हुई |
      मणिपुर में भी चुनाव हुए जहाँ भाजपा ने फिर राजनीती का जोहर दिखाया औऱ बिरेन सिंह की अगुवाई में सरकार बनाई | मणिपुर में भाजपा ने 60 में से 21 सीटें जीती औऱ कांग्रेस ने 28 पर यहाँ भी कांग्रेस राजनीती समझने में असफल हुई | मणिपुर में भाजपा को नॅशनल पीपल पार्टी,नागा पीपल फ्रंट,लोकजनशक्ति पार्टी औऱ अन्य का साथ मिला |
     बिहार में तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो लालू औऱ नितीश में दरार आ गई औऱ नितीश ने इस्तीफा दिया | दोनों के अलग होने का फायदा भाजपा ने उठाया औऱ भाजपा ने नितीश की पार्टी को समर्थन देदिया | सुशिल मोदी उपमुख्यंत्री बने पर नितीश कुमार के साथी शरद यादव उनसे नाराज हो गए औऱ पार्टी से अलग हो गए | अब असली जनता दाल यूनाइटेड के लिए दोनों आमने सामने है |
      दिल्ली में भी राजनीती देखने को मिली जहाँ भाजपा ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला | भाजपा ने पुराने निगम पार्षदों को टिकट न देकर सब नए चेहरों को मैदान में उतारा जिसका फायदा ये हुआ की आज दिल्ली के तीनो निगमों में भाजपा की सरकार है | आम आदमी पार्टी औऱ कांग्रेस दोनों को हार तो मिली ही इसके अलावा टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में फुट भी दिखाई दी जहाँ आम आदमी पार्टी से कपिल मिश्रा औऱ देवेंदर सेहरावत ने पार्टी के खिलाफ बगावत की वही कांग्रेस के दिग्गज नेता अरविंदर सिंह लवली और अमरीश गौतम ने भाजपा का दामन थामा |
   इस वर्ष भारत में रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति औऱ वैंकया नायडू को उपराष्ट्रपति बनाने में भी भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी |
   वर्षांत आते हुए भी भाजपा अपना परचम लहराते दिखी हर जगह जीतते हुए भाजपा गुजरात औऱ हिमाचल पहुंची | गुजरात में भाजपा ने हर तरह की रणनीति अपनाई यहाँ आन,बान,शान का सवाल था | कांग्रेस को युवा नेताओं अल्पेश ठाकोर,हार्दिक पटेल,जिग्नेश मेवानी का साथ तो मिला पर कांग्रेस 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में 80 सीटों पर ही सिमट गई | भाजपा का वोट बैंक काम तो हुआ पर 99 सीटों के बहुमत के आधार पर विजय रुपानी दुबारा मुख्यमंत्री बने | कांग्रेस ने प्रचार में पूरा दम लगाया पर रणनीति न बना सकी |
    हिमाचल में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी पर कांग्रेस हिमाचल का किला नहीं बचा सकी | भ्रष्टाचार के आरोप के बावजूद कांग्रेस ने वीरभद्र को ही मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जिसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ा | यहाँ कांग्रेस प्रचार में भी धीमी रही,जिसका फायदा भाजपा न बाखुबी उठाया | भाजपा ने पहले प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया पर उनकी हार के बाद जगत प्रकाश नड्डा,शांता कुमार,धूमल,अनुराग ठाकुर जैसे नेताओं के बावजूद जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री घोषित किया |
  2017 में तो भाजपा हर जगह छाई रही अब 2018 में
 मेघालय,त्रिपुरा,नागालैंड,कर्नाटका,मिजोरम,छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश,राजस्थान में चुनाव है जहाँ भाजपा को फिर अपनी ताकत दिखानी है |

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