Sunday, January 20, 2019
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श्री गुरू तेग बहादुर साहब जी बारे सिलेबस हरियाणा स्कूल सिलेबस बीच में से निकालने पर किया रोष प्रगट

संवाददाता(दिल्ली)दिल्ली के विधायकऔर दिल्ली सिख.  गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी(डी.एस.जी.एम.सी) के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से अपील की है कि गुरु तेग बहादुर साहब जी और बाबाबंदा सिंह बहादुर जी के जीवन पर सिलेबस हरियाणा के शिक्षा सिलेबस में  शामिल किए जाए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सिरसा ने कहा कि उन को यह जान कर हैरानी हुई है कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड के स्कूल सिलेबस में से गुरू तेग बहादुर साहिब जी बारे सिलेबस निकाल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस जानकारी ने न सिर्फ सिख भाईचारे बल्कि सभी पाजीटिव सोच के धारकों की भावनाओं को चोट मारी है क्योंकि श्री गुरु तेग बहादुरसाहब जी ने मानवता के लिए और कश्मीरी पंडितों के जीवन की रक्षा के लिए अपनामहान बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि यहफ़ैसला सभी अमन पसंद लोग जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में बसते हैं, के लिए हैरानी और दुख भरा है।

सिरसा ने कहा कि बड़ा दुख यह भी है कियह फैसला तब आया है जब प्रधानमंत्री ने खुद एन.सी.ई.आर.टी. और अन्य शिक्षा बोर्डों को चार साहिबजादे बारे सिलेबस सिलेबस में शामिल करने की हिदायत की है। उन्होंने कहाकि जब सर्व उच्च स्तर पर मानवता और महानशहादतों और बलिदान बारे सिलेबस सिलेबस में 20 करवाने के यत्न किये जा रहे हैं, तब हरियाणा ने श्री गुरु तेग बहादुर साहबि जी बारे सिलेबस सिलेबस में से बाहर करने का फैसला किया है जबकि प्रधान मंत्री ने खुद ऐलान किया था कि यदि गुरू साहब अपनी शहादत न देते तो आज के भारत का अस्तित्व न होता।

उन्होंने मुख्य मंत्री से अपील की कि वह यह सिलेबस फिर से सिलेबस में शामिल करने की हिदायत करने और पहले की तरह ही हरियाणा स्कूल सिलेबस में यह सिलेबस शामिल किए जाने चाहिएं।

सिरसा ने उन को यह भी अपील की कि बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी बारे भी सिलेबस भी शिक्षा सिलेबस में शामिल किया जाए।उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जीउत्तरी भारत के पहले प्रभुसत्ता सम्पन्न शासक थे जिन्होंने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी क्योंकि मुगल तानाशाह थे और लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि जब बाबा बन्दा सिंह बहादुर हरियाणा और पंजाब पहुंचे थे तो हिंदुओं और सिखों ने उन का राष्ट्रवादी लहर नेता और गुरू गोबिंद सिंह जी के डिप्टी के तौर पर स्वागत किया था और हर आम आदमी ने देश और धर्म के लिए उन को अपने ओर से योगदान दिया था। उन्होंने 1710 से 1716 दौरान विजय दर्ज की और लोहगड़ को अपना किला बनाया जो कि इस समय पर हरियाणा के यमुनानगर की बिलासपुर तहसील का ऐतिहासिक शहर है।

उन्होंने कहा कि यह बहुद ही दुख भरी बात हैकि ऐसे महान नेता जिसने गरीबों को ऊंचा उठाने के लिए काम किया और देश को मान सम्मान दिलाया बारे कोई भी सिलेबस हरियाणा के सिलेबस में शामिल नहीं है।उन्होंने अपील की कि उन्होंने बारे शिक्षा सिलेबस में उचित स्तर पर सिलेबस शामिल किया जाए।

 

 

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