Wednesday, November 21, 2018
Home > राष्ट्रीय > भारत निर्माण में राष्ट्रीय संघर्ष समिति पेन्शन प्राप्ति के लिये करेगी रु.20250 करोड का श्रमदान

भारत निर्माण में राष्ट्रीय संघर्ष समिति पेन्शन प्राप्ति के लिये करेगी रु.20250 करोड का श्रमदान

संवाददाता (दिल्ली) ईपीएस पेंशनरों को रिटायरमेंट तक 417 रुपये, 541 रुपये या 1250 रुपये प्रति महीने का योगदान देने पर भी सेवनिवृत्त होने के बाद मासिक पेंशन के रूप में केवल 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये मिल रहे हैं। इस महंगाई के जमाने में इतने कम पैसे में अपना घर चलाने की बात तो सोची भी नहीं जा सकती।

ईपीएस 95 पेन्शन धारको के संघटन राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत के नेतृत्त्व में ,अपनी प्रमुख मांगो के समर्थन में देश भर  में

कई  आंदोलन किये, दि.7.12.2017 को रामलीला मैदान दिल्ली में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर संसद पर मोर्चा का आयोजन किया और अब पुरे भारत में जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा, सत्याग्रह, भिक्षा आंदोलन करना और भिक्षा की राशी  प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करना आदि आंदोलन शुरू हैं ।

दि.6.12.2017 को मा. श्रममंत्री महोदय ने हमें चर्चा के लिये बुलाया  था और हमारी छोटी मांगो को तुरंत मान्य कर हमारी दो मुख्य मांगो जिसमें सभी ई पी एस95 के पेन्शन धारको को प्रतिमाही रु.7500 पेन्शन  और उस पर महागाई भत्ता मिले   और मा. उ चच तम् न्यायालय के निर्णय अनुसार  हायर वेतन पर पेन्शन मिले  इन मांगो के संदर्भ में श्रम मंत्रालय एक प्रस्ताव तयार कर वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजेगा क्योकि इन दोनो मांगो को पूरी करने के लिये धनराशी की आवश्यकता है ऐसा हमें आश्वासन दिया था लेकीन  प्रत्यक्ष में  हाइ एम्पवर  समिति के गठन  को छोडकर  संसद के बजेट में इसका कोई भी प्रावधान न ही किया गया है इसलीये दि.22.03.2018  को संगठण के  राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक राऊत  ने राष्ट्रीय संघर्ष समिती की ओर से माननीय श्रम और रोजगार मंत्री श्री संतोष गंगवार को 22 मार्च को इस संदर्भ में ठोस प्रस्ताव सौपा है ।

प्रस्ताव के अनुसार संघटन भारत निर्माण के कार्य में 58 से 65 के आयु के अनुभवी 45 लाख पेन्शन धारक प्रतिवर्ष 30 दिन की विना मूल्य सेवा भारत निर्माण कार्य में अपने अपने अनुभव व योग्यता के अनुसार देगे और इस प्रकार13.50 कोटि  मानव दिन सरकार को प्रतिवर्षं उपलब्ध होगे  जिस का मूल्य रु.20250 करोड होगा ।

और इसी श्रमदान  की राशी से पेन्शन धारको की सभी मांगो को मान्य  किया जा सकता हैं ।

जब इस उमर में जेष्ठ और अनुभवी अपनी सेवाये समर्पित करेंगे तब एक देश सेवा का श्रेष्ठ संदेश हमारे युवा पीढी को कार्यरत कर्मचारी अधिकारी है उन्हे निश्चित जायेगा और हमारा भारत श्रेष्ठ बनेगा ।22 मार्च को  मंत्री महोदय ने प्रोविडेंट फंड कमिश्नर श्री वी. पी. जॉय के साथ बैठक करवाई है. श्रम और रोजगार मंत्री के पीए मनु जी के साथ भी बठक हो चुकी है.

कमांडर राउत ने कहा कि  पेंशनर्स राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे ना चाहते हैं। वह समस्या नहीं बनना चाहते। कमांडर अशोक राउत ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार हमारे प्रस्ताव पर बजट सेशन में विचार करे और ईपीएफ पेंशनर्स को राहत देने के लिए जल्द से जल्द प्रावधान बनाए,ताकि देश के वरिष्ठ नागरिकों की  जिंदगी में कुछ खुशियां वापस लौटें।

कमांडर राऊत ने कहा कि,इतना योगदान देने के बावजूद अगर सरकार हमारी माँगे पूरी ना कर पायी  तो देश भर में आंदोलन तीव्र होगा और उसकी जिम्मेदारी पूर्णतया सरकार कि होगी । कमांडर राऊत के साथ शिष्ट मंडल में समिति के मुख्य समन्वयक वीरेंद्र सिंग  रजावत तथा प्रमुख राष्ट्रीय सलाहकार पी एन  पाटील शामिल थे।

                        

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *