Monday, December 10, 2018
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मंगलापुरी फेस -2 निवासी गंदगी एवं संक्रमण के पर्याय बन चुके अनुप्रयोगी शौचालयों से है परेशान

संवाददाता (दिल्ली) द्वारका विधानसभा के मंगला पुरी फेस-2 मे काफी समय से पांच शौचालय गंदगी एवं संक्रमण का पर्याय बन चुके हैं। अनुप्रयोगी होने के कारण बिल्डरों द्वारा इनका दुरूप्रयोग रात के अंधेरे मे मलबा फेंकने त़था डंपिग ग्राऊंड के रूप मे हो रहा है पिछले कई वर्षो से स्थानीय निवासियों द्वारा यहां इन शौचालयों को हटवाकर बरातघर निर्माण की मांग उठाई जा रही है। कालोनी मे सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर आर डब्लू ए मंगला पुरी-2 के सदस्य लगातार इसके लिये निगम और दिल्ली सरकार से संपर्क करते रहे है। जिसके उपरांत मार्च-2014 को दिल्ली सरकार के शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा इस बात का आश्वासन दिया गया की वर्ष 2015 मे बरातघर निर्माण का कार्य मंगला पुरी फेस-2 मे बेकार पड़े शौचालयों को हटवाकर किया जाएगा। किन्तु दिल्ली नगर निगम वर्षो से बेकार खंडहर पड़े आसामाजिक तत्वो के अड्डे बने शौचालयों को हटाने मे उदासीन दिख रही है। न तो इस विषय मे स्वंय कोई निर्णय ले रही है नाही इसके स्थान पर शौचालय बनाने हेतु अन्य किसी भी निकाय को अन्नापत्ति दे रही है। वर्षो पूर्व ये शौचालय स्थानीय निवासियों के लिए बनाए गए थे। कालोनी मे सीवर निर्माण के बाद कालोनीवासियों के लिए इन शौचालयों की कोई आवश्यकता नहीं रह गयी थी। इसके बाद पिछले कई वर्षो से असामाजिक तत्व इन शौचालयों पर अतिक्रमण कर इनका दुरुपयोग पशुपालन एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिये कर रहे है। जिसको लेकर स्थानीय निवासियों मे बड़ा रोष है। आर. डब्लू. ए. का कहना है निगम की इस भूमि का सदुपयोग सामाजिक हित मे होना चाहिये। यहाँ कालोनी के आस-पास किसी भी सामुदायिक भवन के नहीं होने के कारण बच्चियों की शादी मे बड़ी कठिनाई होती है। एक और इन शौचालयों के आस – पास चारो तरफ कुड़ा- निर्माण संबधित मलबा पड़ा रहता है। जिसको लेकर दिल्ली नगर निगम के सफायी कर्मचारी स्वंय परेशान है। वहीं दूसरी और इनके सामाजिक सदुपयोग की तरफ लोगो के द्वारा दिलवाए जा रहे ध्यानाकर्षण के उपरांत भी निगम के कर्मचारी उदासीनता दिखा रहे है। इस बात को लेकर बीते दिनो आर डब्लू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री एवं जन शिकायत आयोग मे भी शिकायत दी थी। स्थानीय निवासिंयो द्वारा वर्तमान महापौर श्रीमती कमलजीत सहरावत को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। बीते वर्ष जन शिकायत आयोग ने आर डब्लू ए की शिकायत को संज्ञान मे लेते हुये दिल्ली नगर निगम एवं दिल्ली सरकार के शहरी आश्रय सुधार बोर्ड दोनों को इस विषय मे 16 सितंबर 2015 को तलब कर फटकार लगाते हुये तीन सप्ताह मे यहां से अतिक्रमण हटवाकर साफ सफायी बनाने संबंधी निर्देश दिये थे जिस पर निगम का कहना है शिकायत पर कार्यवाही की जा रही है मगर वास्तविकता यह है आजतक इस पर कोई कार्यवाही नही की गयी। इस विषय मे हमारे संवाददाता ने आर. डब्लू. अध्यक्ष से बात की आर डब्लू ए अध्यक्ष राजेश तिवारी जी का कहना है की इस विषय मे दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड के अधिकारियों का कहना है की हमे सामुदायिक भवन निर्माण मे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन दिल्ली नगर निगम इन शौचालयों को हटा नहीं रहा ओर नाही इस विषय मे भेजे गए पत्र पर इस भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण किए जाने हेतु अनापत्ति पत्र दे रहा है। वही दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम के अधिकारी कभी निगम के पास फंड नही होने की बात कहते है। तो कभी नीति संबन्धित विषय बता कर ढुलमुल रवैया अपनाए हुये है। गंदगी एवं अतिक्रमण से तंग आकर सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के व्यवहार को देखते हुये आर. डब्लू. ए. ने आयोग का दरवाजा खटखटाना ही उचित समझा। अब इस विषय को लेकर आर डब्लू ए ने दिल्ली नगर निगम के साथ आर पार की लडायी का मन बना रही है इसलिये कई बार प्रदर्शन भी किया जा चुका हैं।

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