Monday, December 10, 2018
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7 मई से रामलीला मैदान में हड़ताल करेंगे एचसीसी के कर्मचारी

संवाददाता (दिल्ली) हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एचसीसी) के कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की गलत नीतियों के विरोध में 7 मई से रामलीला मैदान में विपक्षी दलों, कांग्रेस, आप (आम आदमी पार्टी), टीएमसी, एसपी और अन्य ट्रेड यूनियन के सहयोग से धरना देने का ऐलान किया है। यूनियन के महासचिव ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से एचसीसी का करोड़ों का बकाया न दिए जाने के कारण कई परियोजनाओं को बंद करना और कई प्रोजेक्ट्स पर काम रोकना पड़ा है, जिससे 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। उनके लिए अपने घर का खर्च चलाना मुहाल हो गया है। अभी भी 10 हजार और कर्मचारियों के सिर पर नौकरी से निकाले जाने की तलवार लटक रही है। अगर करोड़ों की बकाया राशि देने में और देरी की गई तो कई परियोजनाएं और बंद होगी और हजारों कर्मचारियों को और नौकरी से निकाला जाएगा।               यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिपॉकर मित्रा ने बताया कि केन्द्र सरकार की लगभग 90 प्रतिशत परियोजनाओं का काम रास्ट्रहित मे इस कम्पनी के द्वारा समर्पित किया जा चुका है जिसमें जलविधुत परियोजनाए / नेशनल हाइवे / न्युकिलियर पावर प्रोजेक्ट / मैट्रो रेल / थर्मल पावर प्लांट और भी अन्य परियोजनाओं पर कार्य किया जा चुका है।                                    फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया हिदुस्तान कंस्ट्रक्शन वर्कर्स यूनियन के महासचिव सुनील सरकार ने बताया कि एनएचएआई, एनएचपीसी और केंद्र सरकार के दूसरे उपक्रमों के पास 8943 करोड़ की राशि बकाया है। एनएचएआई के पास 4157 करोड़, एनएचपीसी और केंद्र सरकार के अन्य उपक्रमों के पास एचसीसी की 4786 करोड़ की राशि बकाया है। मध्यस्थता फोरम और कोर्ट के आदेश के बावजूद एचसीसी को करोड़ों की बकाया राशि नहीं दी गई है, जिससे एचसीसी को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

यूनियन के महासचिव ने बताया कि पीएमओ और केंद्रीय श्रम मंत्रालय से एचसीसी को जल्द से जल्द इस राशि को जारी करने का अनुरोध कई बार किया जा चुका है, जिससे कंपनी का काम उन परियोजनाओं पर बहाल किया जा सके, जिन पर काम पेमेंट न मिलने के कारण काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है या बंद हो चुका है। इसके अलावा उन कर्मचारियों को भी नियमित रूप से काम पर रखा जा सके, जिनकी नौकरी छूट चुकी है, लेकिन अभी तक न तो इस संबंध में जवाब दिया गया है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि एचसीसी की मौजूदा परियोजनाओं की स्थिति कोई खास बेहतर नहीं है। फंड की लगातार कमी बने होने से कर्मचारियों को उनका वेतन देने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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