Monday, November 19, 2018
Home > दिल्ली > मनजिंदर सिंह सिरसा ने पाकिस्तान में सिक्खों पर होते रहे अत्याचार का मामला सुषमा स्वराज के पास उठाया

मनजिंदर सिंह सिरसा ने पाकिस्तान में सिक्खों पर होते रहे अत्याचार का मामला सुषमा स्वराज के पास उठाया

संवाददाता (दिल्ली) दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डी.एस.जी.एम.सी.) के जनरल सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपील की है कि वह पाकिस्तान में सिक्खों पर होते अत्याचार का मामला तुरंत पाकिस्तान सरकार के पास उठाया क्योंकि वहां एक सिक्ख नेता पर हमले और एक सिक्ख महिला के साथ बलातकार के नए केस सामने आए हैं |
स्वराज को लिखे एक पत्र में सिरसा ने कहा कि पाकिस्तान सिक्ख कमेटी के चेयरमैन और मानवीय अधिकार कायज़्कताज़् रादेश सिंह टोनी को पेशावर में लगातार तीन बार हमला होने बाद में अपनी जान बचाने के लिए खहबर पशतूनखवा छोड़ कर पंजाब आने आने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह हमले पिछले चार महीनों के दौरान हुए हैं जबकि इस से पहले पेशावर में एक गरोसरी स्टोर में चरनजीत सिंह नाम के एक अन्य सिक्ख नेता की अनजाने व्यक्तियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।
सिरसा ने बताया कि रादेश सिंह मानवीय अधिकारों के प्रोग्रामों और सिवल सोसायटी संगठनों के प्रोग्रामों में बढ-चढ कर हिस्सा लेते रहे हैं। वह अल्प संख्या जनरल कौंसलर की सीट से चुनाव जीत गए थे परन्तु असेंबली सीट पर चुनाव लडऩे के कारण इस्तीफा देना पड़ा था और वह पी के 75 हलके से आजाद उम्मीदवार के तौर पर जनरल इलैक्शन में चुनाव लडऩे वाले अल्प संख्या भाईचारे के अकेले उम्मीदवार हैं। चार बार लगातार हमलें का शिकार होने के कारण उनको अपना जद्दी शहर छोडऩा पड़ा है।
डी.एस.जी.एम.सी. के जनरल सचिव ने विदेश मंत्री को यह भी बताया कि एक अन्य केस ननकाना साहिब से है जहां एक नाबालिग 15 वर्षीय लडक़ी के साथ दो व्यक्तियों ने बलातकार किया। यह लडक़ी मानसिक तौर पर ठीक नहीं और यह ननकाना साहिब के एक गुरुद्वारा साहिब से लापता हो गई थी। उन्होंने कहा कि सब से दुख भरी बात यह है कि लडक़ी के पिता को यह लडक़ी एक एंबुलेंस के अंदर मिली जहां दो व्यक्ति इस के साथ जबरदस्ती कर रहे थे और वह मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि लडक़ी को वह दो किलोमीटर दूर फैंक गए और अब लडक़ी हौसले इलाज है जहां उसकी हालत चिंताजनक है।
सिरसा ने स्वराज से अपील की कि वह पहल के आधार पर तुरंत पाकिस्तान सरकार के पास यह मसला उठाए और इन दोनों मामलों में दोषियों को सजा देने के लिए सरकार पर दबाव बनाए। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान सरकार ऐसा करने में नाकाम रही तो फिर डी.एस.जी.एम.सी. यह मामला संयुक्त राष्ट्र और अन्य संबंधी अंतरराष्ट्रीय फोर्म के आगे उठाएगी जिससे कि पाकिस्तान में रहते सिक्खों को न्याय मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *