Monday, November 19, 2018
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रूस के प्रसिद्ध डांस ट्रूप ’कलिंका’ ने रोसातोम विज्ञान व संस्कृति उत्सव में प्रदर्शन किया

संवाददाता (दिल्ली) रूस के प्रसिद्ध डांस ट्रूप ’कलिंका’ ने 29 अक्टूबर को रूसी विज्ञान एवं संस्कृति केन्द्र में अपना नृत्य प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति रोसातोम विज्ञान एवं सांस्कृतिक उत्सव के अंतर्गत की गई। रूस की रोसातोम स्टेट ऐटाॅमिक ऐनर्जी काॅर्पोरेशन द्वारा यह उत्सव 24 से 29 अक्टूबर 2018 तक नेहरु सेंटर, मुंबई तथा रूसी विज्ञान एवं संस्कृति केन्द्र-मुंबई व नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
इस उत्सव के दौरान कलिंका की कलात्मक निदेशक व कोरियोग्राफर नताल्या लेवित्स्काया-फिलिपोवा ने बताया कि, ’’बाॅलीवुड की मूवीज़ आज भी रूसियों को भाती हैं और हमारे देश के कलाकारों को प्रेरित करती हैं।’’
’’एक वक्त था जब राज कपूर की फिल्म का गीत ’सर पर लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ रूस की गलियों में गूंजा करता था। ज़माना बदल चुका है लेकिन भारत और रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरते हुए आज भी मजबूती से कायम है। इसका साक्ष्य यह है कि हमारे देश का कला समुदाय आज भी बाॅलीवुड फिल्मों से प्रेरणा पाता है,’’ नताल्या ने कहा।
कलिंका की महानिदेशक इरिना फिलिपोवा ने कहा, ’’भारत के लोग देश की सबसे बड़ी सम्पत्ति हैं। और जब कला की बात आए, खास कर संगीत व नृत्य के बारे में तो वे अत्यंत संवेदनशील होते हैं।’’
रोसातोम विज्ञान एवं संस्कृति उत्सव मुंबई व दिल्ली में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक तथा शैक्षिक गतिविधियां की गईं जो परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर केन्द्रित थीं।
रोसातोम के इंजीनियरिंग डिविज़न एएसई ग्रुप आॅफ कंपनीज़ के भारत में उपाध्यक्ष ऐंद्रेई लेबेदेव ने बताया कि 5000 के लगभग लोगों ने इस उत्सव में भाग लिया।
’’कुदनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट भारत और रूस के संबंधों का प्रतीक है। इस उत्सव का लक्ष्य भारतीय एवं रूसी युवाओं के बीच दोस्ताना संबंधों को मजबूती देना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें एक मंच मुहैया कराना है जहां वे विविध संस्कृतियों के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकें,’’ ऐंद्रेई ने कहा।
बच्चों के इस विख्यात लोक नृत्य समूह ’कलिंका’ को सन् 1968 में माॅस्को में यूएसएसआर में बच्चों के सबसे लोकप्रिय कोरियोग्राफर अलेक्ज़ेंडर फिलिपोव ने स्थापित किया था। बीते 50 वर्षों के दौरान 20,000 से ज्यादा बच्चों को ’कलिंका’ में प्रशिक्षित किया जा चुका है।
रूस में 150 से अधिक लोक नृत्य हैं जिनमें रूसी लोक नृत्य, मिलिट्री और खेल संबंधी विविध नृत्य शामिल हैं ये सब ’कलिंका फिलिपोवा’ के प्रदर्शनों की सूची में हैं। यह भी गौर तलब है कि कलिंका के विद्यार्थियों के पास हाथों से सिले हुए 3000 बेमिसाल काॅस्ट्यूम भी हैं।
आज कलिंका दुनिया में सबसे मशहूर रूसी बच्चों का लोक नृत्य समूह है। ’कलिंका’ ने 4 महाद्वीपों में 45 देशों की यात्रा की है। इस वर्ष, भारत में कलिंका की प्रस्तृति की 15वीं वर्षगांठ है। वर्ष 2003 में इन्होंने नई दिल्ली में प्रस्तुति दी थी।
भारत में यह रोसातोम विज्ञान समारोह का तीसरा संस्करण है। 2016 और 2017 में यह आयोजन क्रमशः चेन्नई व दिल्ली में हुआ था।

 

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