Monday, December 10, 2018
Home > स्वास्थ्य > अपोलो हाॅस्पिटल्स ने भारत के पहले सफल लिवर ट्रांसप्लान्ट की 20वीं सालगिरह मनाई

अपोलो हाॅस्पिटल्स ने भारत के पहले सफल लिवर ट्रांसप्लान्ट की 20वीं सालगिरह मनाई

संवाददाता (दिल्ली) संजय कंदासामी की उम्र आज 21 वर्ष है, लेकिन उनका बचपन सामान्य नहीं था। मात्र 20 माह की उम्र में उनके पिता ने उन्हें लिवर डोनेट किया। नवम्बर 1998 में उनकी लिवर ट्रांसप्लान्ट सर्जरी की गई। इसी के साथ भारतीय डाॅक्टरों ने पहली सफल लिवर ट्रांसप्लान्ट सर्जरी कर इतिहास रच दिया। संजय न केेवल अब सामान्य जीवन जी रहा है, बल्कि वह खुद डाॅक्टर बनने की ट्रेनिंग भी ले रहा है- यह संजय का इलाज करने वाले डाॅक्टरों की विशेषज्ञता और संजय एवं उसके परिवार की दृढ़ता का ही परिणाम है।
इस सफल सर्जरी ने भारतीय चिकित्सा जगत में नई क्रान्ति ला दी, इसकी 20वीं सालगिरह के मौके पर इन्द्रप्रस्थ अपोलो हाॅस्पिटल्स ने बताया कि पिछले दो दशकों में लिवर ट्रांसप्लान्ट में ज़बरदस्त बदलाव आए हैं। इस मौके पर हाॅस्पिटल ने संजय और उसके परिवार की बहादुरी पर भी रोशनी डालीं
इस मौके पर डाॅ प्रीथा रेड्डी, वाईस चेयरपर्सन, अपोलो हाॅस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, ‘‘लिवर रोग आज देश में चिंता का विषय बन चुके हैं, हर साल 2 लाख लोगों की मृत्यु इन बीमारियों के कारण हो रही है। हर साल लगभग 1800 लिवर ट्रांसप्लान्ट किए जाते हैं, जबकि 20,000 लोगों को इसकी ज़रूरत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लिवर रोग भारत में मृत्यु का 10वां सबसे बड़ा कारण हैं। हालांकि पहली सफल सर्जरी के बाद भारत ने इस दिशा में लंबी दूरी तय की है, किंतु अभी इस क्षेत्र में बहुत सी कमियों को दूर करना बाकी है। हमारे विश्वस्तरीय ट्रांसप्लान्ट सेंटर मरीज़ों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। आने वाले समय में हम दूर-दराज के इलाकों और उन लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचाएंगे, जिनके पास आज भी आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।’’
जाने माने भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘हर मिनट एक व्यक्ति उन लोगों की सूची में शामिल हो जाता है, जिन्हें ट्रांसप्लान्ट की ज़रूरत होती है। आज 2 लाख भारतीय इस सूची में शामिल हैं, जबकि 10 फीसदी से भी कम लोगों को ट्रांसप्लान्ट मिल पाता है। हमें देश में अंगदान की दर बढ़ाने के लिए काम करना होगा। मैं 2011 में अपने अंगों के दान की शपथ ले चुका हूँ और चाहता हूँ कि देश के युवा इस दिशा में आगे बढ़ें। देश में अंगदान के बारे में जागरुकता बढ़ाना बेहद ज़रूरी है। इसे एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।’’
अशोक बाजपेई, मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्द्रप्रस्थ अपोलो हाॅस्पिटल्स ने कहा, ‘‘आज हम इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सालगिरह मना रहे हैं, इस मौके पर मैं हमारे मरीज़ों और उनके परिवारों को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने हम पर भरोसा किया। हमारे विशेषज्ञों और स्टाफ की विशेषज्ञता के कारण आज हमारा ट्रांसप्लान्ट प्रोग्राम हज़ारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है। आने वाले समय में हम दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ट्रांसप्लान्ट सेंटर बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *