Wednesday, November 21, 2018
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एचसीएल फाउंडेशन के ’बाल गंगा मेले’ ने दर्शकों को लुभाया

आर.के.मल्होत्रा (दिल्ली) एचसीएल फाउंडेशन ने अपने नोएडा परिसर में “बाल गंगा मेले“ का आयोजन किया। नोएडा में एचसीएल फाउंडेशन समर्थित सरकारी स्कूलों से 500 से अधिक बच्चे, ब्रिज सेंटर, पावर आॅफ वन कम्युनिटी चैंपियन और स्काॅलरों ने इस मेला में भाग लिया। यह दिन प्रतीकात्मक है क्योंकि 2008 में इसी दिन गंगा को भारत की राष्ट्रीय नदी के रूप में घोषणा की गई थी और यह पवित्र नदी को फिर से जीवंत करने और बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
बाल गंगा मेले का उद्घाटनएनएमसीजी के महानिदेषक राजीव रंजन मिश्रा, एनएमसीजी के कार्यकारी निदेषक (वित्त) रोजी अग्रवाल, एचसीएल फाउंडेशन की प्रमुख तथा सीएसआर की निदेषक सुश्री निधि पुंधीर, जी 12 (सपोर्ट फार गंगा रेजुवेनेशन) की कार्यक्रम निदेशक सुश्री मार्टिना बरखार्ड और गौतम बुद्ध नगर के मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह की उपस्थिति में जल संसाधन मंत्रालय के नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प के सचिव यू पी सिंह ने किया।
मेला को सामान्य रूप से पानी और विशेष रूप से नदियों के महत्व पर स्कूल के बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्यों के साथ आयोजित किया गया था ताकि वे अप्रदूषित, स्वच्छ जल और जल सुरक्षा के महत्व को समझ सकें और प्राकृतिक पर्यावरण के प्रति अधिक सम्मान जाहिर कर सकें। इसके अलावा बच्चों को अपने दृष्टिकोण बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया और विद्यार्थियों को परिवर्तन के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो नदी के कायाकल्प और जल संरक्षण के लिए अन्य लोगों को प्रभावित करते हैं और प्रेरित करते हैं।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, बच्चों में हमारे प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के विचार को विकसित करने के लिए बाल मेले में बच्चों के लिए आउटडोर आकर्षक और सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका लक्ष्य प्रतिभागियों को अपने स्कूलों के साथ-साथ अपने परिवारों और समुदायों में भी गंगा और सामान्य रूप से पानी के ’प्रबंधक’ बनने के लिए प्रेरित करना है। व्यावहारिक और इंटरैक्टिव गतिविधियों ने स्पश्ट रूप से यह संदेश दिया कि गंगा का कायाकल्प और जल संरक्षण उनके दैनिक जीवन के लिए प्रासंगिक हैं।
इस मेले में भाग लेने वाले बच्चों ने दिन भर गतिविधियों में हिस्सा लिया जिनमें जल गुणवत्ता परीक्षण, अपशिष्ट पृथक्करण, इंटरएक्टिव गेम्स, स्ट्रीट प्ले, रंगोली, चित्रकारी, क्विज़ प्रतियोगिता और मूवी स्क्रीनिंग शामिल थीं।
एचसीएल फाउंडेशन पर्यावरण और स्वदेशी वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। इस मिशन को बढ़ाने के लिए, एचसीएल फाउंडेशन ने वनीकरण के लिए एचसीएल फाउंडेशन कार्यक्रम के तहत एनएमसीजी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। एचसीएल फाउंडेशन और एनएमसीजी ने निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हिस्से में जंगल के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए गंगा की सहायक नदियां डिंडन और यमुना पर काम करने पर सहमति व्यक्त की है:
नमामी गंगे सहयोग में योगदान करते हुए, एचसीएल फाउंडेशन ने नोएडा और उसके आसपास गंगा की सहायक नदियां हिंडन और यमुना के आसपास बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान में हिस्सा लिया क्योंकि नोएडा एचसीएल फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इसके अलावा, एचसीएल फाउंडेशन ने पर्यावरणीय मुद्दों पर स्पश्ट ध्यान देने के साथ- साथ भौगोलिक क्षेत्र, गौतम बुद्ध नगर और नोएडा के समग्र विकास को प्राथमिकता दी है। इस क्षेत्र में गंगा की प्रमुख सहायक नदियां हिंडन और यमुना हैं और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण से संबंधित कोई भी काम गंगा बेसिन के कायाकल्प की दिशा में योगदान देगा। एचसीएल ने इस क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण के लिए जितना संभव हो सके योगदान देने का भी वचन दिया, क्योंकि एचसीएल की शुरूआत नोएडा में हुई थी और एचसीएल में 28000 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।

 

 

 

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