Monday, December 10, 2018
Home > स्वास्थ्य > नोवो नाॅर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन ने अगले तीन सालों के लिए भारत में डायबिटीज़ की देखभाल के लिए ‘1000-दिवस चुनौती’ लाॅन्च की

नोवो नाॅर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन ने अगले तीन सालों के लिए भारत में डायबिटीज़ की देखभाल के लिए ‘1000-दिवस चुनौती’ लाॅन्च की

संवाददाता (दिल्ली) विश्व डायबिटीज़ दिवस के अवसर पर, नोवो नाॅर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन (एनएनईएफ) एवं नोवो नाॅर्डिस्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अग्रणी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के साथ भारत में अनियंत्रित डायबिटीज़ को संबोधित करने के लिए ‘‘1000-दिवस चैलेंज’’ लाॅन्च किया है। अनियंत्रित डायबिटीज़ भारत में गंभीर समस्या है और डायबिटीज़ के कारण हर साल हेल्थकेयर में 63,000 करोड़ रु. से ज्यादा खर्च होते हैंख्1,।
1000 दिवस चैलेंज का उद्देश्य दिए गए समय में 150,000 प्रैक्टिशनर्स और 10,000 पैरामीडिक्स के बीच 6000 से अधिक मेडिकल मीटिंग्स एवं निरंतर मेडिकल शिक्षा (सीएमई) प्रोग्राम्स द्वारा जागरुकता व शिक्षा का प्रसार करना है।
इसके अलावा डायबिटीज़ केयर की स्थिति पर रियल टाईम डेटा इनोवेटिव ‘इंडिया डायबिटीज़ केयर इंडेक्स’ के द्वारा पहली बार उपलब्ध कराया गया है। यह इंडेक्स एचबीए1सी डेटा द्वारा दिए गए शहर में औसत ब्लड शुगर कंट्रोल 3 महीनों की अवधि में प्रदान करता है।
डाॅ. ए. के. दास, सीनियर प्रोफेसर, डिपार्टमेंट आॅफ एंडोक्राइनोलाॅजी एवं मेटाबोलिज़्म, पाॅन्डिचेरी इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साईंसेस एवं इंपैक्ट इंडिया प्रोग्राम के संरक्षक ने कहा, ‘‘एचबीए1सी लेवल को इस अभियान के लिए प्रमुख परफाॅर्मेंस संकेतक के रूप में अपनाया जाएगा। इंडिया डायबिटीज़ केयर इंडेक्स प्रदर्शित करता है कि भारत में एचबीए1सी का वर्तमान औसत आम तौर पर अनुशंसित 7 प्रतिशत के मुकाबले 8.56 प्रतिशत है। इंपैक्ट इंडिया द्वारा हम इलाज किए गए मरीजों में एचबीए1सी के स्तर को कम करने के लिए काम करेंगे। एचबीए1सी में प्रत्येक 1 प्रतिशत की कटौती से स्ट्रोक का खतरा 12 प्रतिशत कम हो जाता है, दिल के दौरे का खतरा 14 प्रतिशत कम हो जाता है, आंखों की डायबिटीक बीमारी का जोखिम 31 प्रतिशत कम हो जाता है, डायबिटिक किडनी बीमारी का खतरा 33 प्रतिशत घट जाता है और डायबिटिक लिंब डिज़ीज़ का खतरा 43 प्रतिशत कम हो जाता है।
इंडिया डायबिटीज़ केयर इंडेक्स अगले कुछ महीनों में 15 बड़े शहरों में लाॅन्च किया जाएगा और इसे त्रैमासिक आधार पर अपडेट किया जाएगा।
दिल्ली में इसकी लाॅन्च ईवेंट में भारत में डायबिटीज़ के सर्वोच्च विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें पूर्व क्रिकेटर और नोवो नाॅर्डिस्क चेंजिंग डायबिटीज़ एम्बेसडर अनिल कुंबले तथा राॅयल डेनिश एम्बेसी एम्बेसडर, एचई पीटर ताकसो-जेनसेन शामिल हैं।
मेल्विन डिसूज़ा, मैनेजिंग ट्रस्टी, नोवो नाॅर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन ने इस महत्वाकांक्षी अभियान के बारे में कहा, ‘‘यह प्रोग्राम डायबिटिक केयर में सुधार की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है। हमारा उद्देश्य साफ है: भारत में औसत एचबीए1सी में विविध हितग्राहियों के साथ साझेदारी में कम से कम 1 प्रतिशत की कमी करना। इस इनोवेटिव दृष्टिकोण के साथ हम प्रमुख जोखिम वाले नाज़ुक क्षेत्रों को पहचानना और ऐसे समाधानों के विकास में साझेदारी करना चाहते हैं, जो डायबिटीज़ को कम करने में समर्थ हों।’’
इस कार्यक्रम के तहत अनिल कुंबले विविध उपायों द्वारा सेहतमंद जीवनशैली को बढ़ावा देंगे। वो दैनिक व्यायाम को प्रोत्साहित करेंगे और ‘सोशल स्नैकिंग’ एवं हाई-कैलोरी वाले प्रोसेस्ड फूड के आहार को कम करने के लिए कहेंगे।
अनिल कुंबले ने कहा, ‘‘यदि हम डायबिटीज़ के बढ़ते ग्राफ को कम करना चाहते हैं, तो हमें मिलकर ऐसी चीजों को कम करना होगा, जिनकी वजह से लोगों को डायबिटीज़ का खतरा होता है। एक खिलाड़ी के रूप में मैं कठोर चुनौतियों के लिए तैयार रहता हूँ और 1000 दिवस चैलेंज के साथ हम हर हितग्राही को सामूहिक रूप से काम करने के लिए बुला रहे हैं।’’

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *