Monday, December 10, 2018
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दिल्ली कमेटी के नये पदाधिकारियों का चुनाव करवाने को कार्यकारणी बोर्ड ने दी स्वीकृति

संवाददाता (दिल्ली) दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारणी बोर्ड की आज हुई बैठक के दौरान कमेटी के नये पदाधिकारियों का चुनाव दिसम्बर 2018 के अंतिम सप्ताह में करवाने के लिए जनरल हाऊस बुलाने का फैसला लिया गया है। कमेटी दफ्तर में 5 पदाधिकारियों एवं 10 कार्यकारणी सदस्यों की हुई बैठक के दौरान गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दिल्ली से ननकाणा साहिब तक नगर कीर्तन लेकर जाने को भी मन्जूरी दी गई।

कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. ने कमेटी के ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के दोषों का हवाला देते हुए 29 मार्च 2019 को होने वाले जनरल हाऊस को पहले बुलाने का प्रस्ताव पेश किया। ताकि नये पदाधिकारियों द्वारा नई जांच कमेटी बनाकर पुराने पदाधिकारियों पर लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके। जिसको कार्यकारणी ने मन्जूरी देते हुए 21 दिनों के नोटिस पीरियड के आधार पर 27 से 29 दिसम्बर के बीच जनरल हाऊस को बुलाने की मन्जूरी लेने के लिए गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के पास पत्र भेजने की बात कही।
कार्यकारणी की बैठक के बाद जी.के. तथा महासचिव मनजिन्दर सिंह सिरसा ने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि नये पदाधिकारियों के चुनाव के लिए 3 महीने पहले जनरल हाऊस बुलाने का प्रस्ताव कार्यकारणी ने पारित किया है। जी.के. ने कहा कि धार्मिक सियासत में एफ.आई.आर. दर्ज होने के बावजूद भी कभी पदाधिकारियों ने भी अपने पद नहीं छोड़े थे। पर हम संगत को जवाबदेह हैं, इसलिए लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए हमने नया जनरल हाऊस 3 महीने पहले बुलाने का फैसला लिया है। ताकि नई कमेटी मामले की निष्पक्ष जांच कर सके।
जी.के. ने कार्यकारणी के सदस्यों द्वारा इस संबंधी लिये गये फैसले को बड़े दिल से लिया गया फैसला बताते हुए आज के फैसले के साथ धार्मिक सियासत में नया उदाहरण स्थापित होने का दावा किया। जी.के. ने कहा कि अफवाह तथा आरोप किसी भी धार्मिक संस्था पर लगने ठीक नहीं होते। इसलिए पार्टी हाईकमान को विश्वास में लेकर हमने यह फैसला लिया है। क्यांकि हम कुर्सी पर बैठकर विरोधियों के इस आरोप का सामना नहीं करना चाहते कि हम सच सामने आने में रूकावट पैदा कर रहे है।
सिरसा ने कहा कि नये जनरल हाऊस को 3 महीने पहले बुलाने के सुझाव पर कार्यकारणी ने जो मोहर लगाई है उसको अगली मंजूरी के लिए हम गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को भेज रहे हैं। निदेशक की सुविधा तथा एक्ट के हिसाब से अगला जनरल हाऊस होगा। पत्रकारों द्वारा मौजूदा कमेटी के अब कार्यकारी होने के बारे पूछे गये सवाल के जवाब में सिरसा ने कहा कि मौजूदा कमेटी किसी भी हालात में कार्यकारी नहीं है। आम चुनाव के ऐलान के बाद चुनाव आचार संहित लागू होते समय ही कमेटी को कार्यकारी माना जाता है। नई कमेटी के चुनाव तक हमारा कार्यकाल पूर्ण शक्ति वाला है। क्यांकि कार्यकारणी चुनाव की यह पुरानी स्थापित परम्परा है।
सिरसा ने कमेटी में ताकतों को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में साफ कहा कि हमारा आपसी कोई टकराव या खींचतान नहीं है। हमने पिछले 6 वर्ष के दौरान मिलजुल कर बड़ी सेवाऐं की हैं। हम धर्म की सेवा के लिए यहां आये हैं, ना कि अपने अहंकार को प्रदर्शित करने। हम सेवा के लिए आज भी एकजुट हैं, इसलिए टकराव शब्द का इस्तेमाल उचित नहीं है।
जी.के. ने नये अध्यक्ष के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि नया अध्यक्ष सदस्यों की पसंद एवं हाईकमान की मंजूरी से तय होगा। हमने अपने ऊपर लगे आरोपों को देखते हुए पीछे हटकर नैतिकता की नई मिसाल कायम करने का फैसला लिया है। साथ ही शिरोमणी अकाली दल से संबंधित कार्यकारणी बोर्ड के सभी सदस्यों द्वारा कार्यकारणी से अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भेज दिया गया है।

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