Monday, March 30, 2020
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जेपी हाॅस्पिटल ने मोटापे पर बढ़ाई जागरुकता

संवाददाता (नोएडा) ओबेसिटी के बढ़ते खतरे पर जागरुकता बढ़ाने के लिए नोएडा के सेक्टर 128 स्थित मल्टी सुपर-स्पेशलटी हाॅस्पिटल जेपी हाॅस्पिटल ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें आम जनता को मोटापे के कारण, रोकथाम तथा पोषण एवं व्यायाम की ज़रूरतों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों और डाॅक्टरों ने बताया कि रोकथाम उपचार से बेहतर है, उन्होंने यह भी बताया कि रोकथाम के लिए जागरुकता होना बेहद ज़रूरी है।
ओबेसिटी यानि मोटापे की समस्या दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ रही है आज यह विश्वस्तरीय संकट का रूप ले चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को स्वास्थ्य के 10 मुख्य जोखिमों में से एक बताया है। यह स्थित शहरी भारत की महिलाओं में ज़्यादा आम है। 23 फीसदी से अधिक महिलाएं या तो ओबेसिटी या शिकार हैं या उनका वज़न सामान्य से कम है। यह दर पुरुषों (20 फीसदी) की तुलना में अधिक है। गतिहीन जीवनशैली आज इसका मुख्य कारण बन चुकी है, क्योंकि आजकल काम के दौरान लोगों को घण्टों एक ही जगह पर बैठे रहना पड़ता है।
मोटापे के बारे में बात करते हुए डाॅ राजेश कपूर, डायरेक्टर, डिपार्टमेन्ट ऑफ़ जीआई एण्ड हेपेटोपेन्क्रिएटोबाइलरी सर्जरी, जेपी हाॅस्पिटल ने कहा, ‘‘भारत में ओबेसिटी 21वीं सदी में महामारी का रूप ले चुकी है, देश की 5 फीसदी आबादी गंभीर मोटापे की शिकार हैं। भारत में मोटापे की समस्या आज चीन और यूएस के आंकड़ों को भी पार कर चुकी है। भारत मधुमेह की दृष्टि से दुनिया की राजधानी बन चुका है। मोटापे के बढ़ते मामलों के साथ आने वाले समय में हमारे देश में डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्या और बढ़ती चली जाएगी, जिससे स्वास्थ्यसेवा उद्योग पर बोझ बढ़ेगा। इसका कारण विभिन्न समुदायों में अलग-अलग है। मोटापे के सबसे मुख्य कारण हैं खाने-पीने की गलत आदतें, गतिहीन जीवनशैली, नींद की कमी और तनाव आदि। शारीरिक व्यायाम की कमी और सुस्ती के चलते भारत में मोटापे के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।’’

‘‘ओबेसिटी के कारण शरीर में कुछ हाॅर्मोन और अतिरिक्त वसा का निर्माण होने लगता है जो कई तरह की बीमारियों जैसे डायबिटीज़ मेलिटस, उच्च रक्तचाप, डिसलिपिडेमिया, आॅब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया, प्राइमरी स्टर्लिटी आदि का कारण हो सकते हैं। इनसे दिल की बीमारियों (हार्ट अटैक, स्ट्रोक) और कई प्रकार के कैंसर (स्तन, अंडाश्य, गर्भाश्य, अग्नाश्य) तथा गुर्दा रोगों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को मोटापे और इसके बुरे प्रभावों के बारे में जागरुक बनाना ज़रूरी है। वज़न नियन्त्रित करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए, लेकिन वे मरीज़ जो वज़न कम न कर पाएं उन्हें मेटाबोलिक डिज़ीज़ के इलाज के लिए सर्जरी के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इससे पहले कि मोटापे के कारण कई बीमारियां आपको जकड़ लें, सर्जरी के विकल्प पर विचार करना चाहिए।’’ डाॅ कपूर ने कहा।
सर्जिकल प्रक्रिया के बारे में बताते हुए डाॅ कपूर ने कहा, ‘‘यह सर्जरी दो प्रकार की होती हैः रेस्ट्रिक्टिव- जिसमें पेट के आकार को कम किया जाता है ताकि आपका आहार कम हो जाए। रेस्ट्रिक्टिव ओर मैलएब्ज़ाब्र्टिव- इसमें पेट के आकार के साथ-साथ हम छोटी आंत एवं अन्य हिस्सों का आकार भी कम करते हैं ताकि शरीर के द्वारा भोजन के अवशोषण की मात्रा भी सीमित हो जाए। इससे न केवल वज़न कम होता है बल्कि हाॅर्मोन्स में भी बदलाव आता है। जिससे मरीज़ अपने वज़न को सामान्य बनाए रख सकता है और अपने आप को बीमारियों से बचा सकता है। हालांकि सक्रिय जीवनशैली, खाने-पीने की सेहतमंद आदतों और नियमित व्यायाम जैसे योगा, एरोबिक्स और तैराकी के द्वारा शुरूआती अवस्था में वज़न कम करने में मदद मिलती है।’’
सेहतमंद आहार के महत्व पर बात करते हुए मिस श्रुति शर्मा, बेरिएट्रिक काउन्सलर एवं न्यूट्रिशनिस्ट, जेपी हाॅस्पिटल ने कहा, ‘‘ओबेसिटी भारत में एक बड़ी समस्या बन चुकी है। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता के कारण मोटापा और इसके कारण होने वाली बीमारियों जैसे दिल की बीमारियों और डायबिटीज़ के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। कम कैलोरी एवं पोषक पदार्थों से युक्त आहार का सेवन करने से वज़न घटाने में मदद मिलती है। सेहतमंद भारतीय आहार में दालें, अनाज, सब्ज़ियां, फल, सेहतमंद वसाएं, डेयरी उत्पाद और मसाले शामिल हैं। किसी भी स्नैक्स का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि इसमें चीनी की मात्रा कम हो और पोषक पदार्थ अधिक मात्रा में हों। पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें तथा चीनी से युक्त पेय पदार्थों जैसे फलों के रस और साॅफ्ट ड्रिंक्स का सेवन सीमित मात्रा में करें।’’

कार्यक्रम का समापन एक इन्टरैक्टिव सत्र केे साथ हुआ। इस सत्र के दौरान डाॅक्टरों ने ओबेसिटी के प्रबंधन, फिज़ियोथेरी, सेहतमंद आहार आदि के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा एक कुकिंग सेशन और रेसिपी शेयरिंग सेशन भी आयोजित किया गया।

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