Tuesday, August 20, 2019
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धर्मेन्द्र प्रधान ने जन शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए जारी किए नए सुधार और दिशानिर्देश

संवाददाता (दिल्ली) देश के सुदूर इलाकों में कौशल प्रशिक्षण एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयास में माननीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेन्द्र प्रधान ने समाज के वंचित समुदायों को कौशल के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए जन शिक्षण संस्थान के लिए व्यापक सुधारों का ऐलान किया है। यह घोषणा आज जन शिक्षण संस्थान के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की गई, जिसका आयोजन नई दिल्ली के एआईसीटीई सभागार में किया गया था। देश के जन शिक्षण संस्थानों से 700 से अधिक लोगों से सम्मेलन में हिस्सा लिया।
जन शिक्षण संस्थान पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत आते थे, जिन्हें 2018 में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय को स्थानान्तरित कर दिया गया। आज के सम्मेलन में जेएसएस के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं जो इन्हें राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता ढांचे के अनुरूप बनाते हैं। यह सभी कौशल गतिविधियों को एक ही मंत्रालय के तहत लाने की दिशा में एक ओर प्रयास है, जिससे पूरी कौशल प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेहिता बढ़ेगी।
जन शिक्षण संस्थान कौशल प्रशिक्षण में सक्रिय रहे हैं और इन संस्थानों ने समाज के पिछड़े समुदायों, निरक्षर, कम पढ़े लिखे लोगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजति के लोगों, महिलाओं और लड़कियों, झुग्गियांे में रहने वालों, अप्रवासियों के लिए उद्यमिता के मार्ग प्रशस्त किए हैं। ज़िला एवं ग्राम स्तर पर कौशल विकास की सभी गतिविधियों को राष्ट्रीय कौशल ढांचे के अनुरूप लाना आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।
धर्मेन्द्र प्रधान, माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री ने कहा, ‘‘ग्रामीण उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विकास इंजिन की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में ज़रूरी है कि देश के सुदूर इलाकों में रहने वाले युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाए। जेएसएस कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी खामियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये संस्थान युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य एवं कल्याण, पर्यटन, ई-काॅमर्स, रीटेल एवं कारोबार में कुशल एवं सशक्त बनाते हैं। इस संस्थनों को चलाने वाले सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए सुधारों का ऐलान किया गया है, जिससे पूरी प्रणाली में बेहतर पारदर्शिता, प्रत्यास्थता और एकरूपता आएगी।
इस मौके पर मिस जुथिका पटंकर, अपर सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने कहा, ‘‘देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए समाज को कुशल बनाना बहुत ज़रूरी है। मुझे विश्वास है कि जेएसएस को कौशल भारत के अनुरूप संरेखित करने से ग्रामीण युवाओं में सकारात्मक बदलाव आएगा, उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में व्यवसायिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण पाने का अवसर मिलेगा। कौशल प्रशिक्षण से वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि उन्हें अच्छी नौकरी के लिए अपना गांव छोड़कर बड़े महानगरों का रुख भी नहीं करना पड़ेगा।’’

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