Wednesday, June 26, 2019
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम का वर्ष 2018-19 का संशोधित बजट पेश

संवाददाता (दिल्ली) तिलक राज कटारिया, नेता सदन उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने उ.दि.नगर निगम का वर्ष 2018-19 का संशोधित बजट, वितीय वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करते हुए जोरदार शब्दों में कहा कि इस बजट के माध्यम से हम दिल्ली की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराते हुए धोषणा करते है कि न तो हम नगर निगम द्वारा लगाये हुए वर्तमान टैक्स, फीस, सैस आदि की वर्ष 2018-19 दरों में कोई वृद्धि करेगें न ही वर्ष 2019-20 में कोई नया कर लगायेगें।
हम विश्वास दिलाते है कि स्टाॅफ का वेतन, पेंशन और नियमतीकरण का एरियर तथा ठेकेदारों का बकाया भी आगामी वितीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही भुगतान कर दिया जायेगा। इसके लिए हमनें लगभग 30 योजनाएं चालू की है जिनमें से केवल दो योजनाओं से ही 10 हजार करोड़ रूपये आयेगें।
हम भविष्य में उ.दि.न.निगम को विकसित नागरिक सुविधाएं देने वाला आदर्श नगर निगम और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और समाज के सबसे निचले पायदान पर जो समाज है उसे मुख्स धारा में लाने के लिए सकंल्पबद्ध है।
कटारिया ने कहा कि दिल्ली सरकार एक गुप्त ऐजेंडें के आधार पर नगर निगम द्वारा समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की सहायता के लिए चलायी जा रही सारी योजनाओं को खत्म करने के लिए राजनैतिक चाल चल रही है।
इसके लिए उ.दि.नगर निगम द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े, विधवा, मानसिक रूप से कमजोर आदि को जो पेंशन दी जाती थी, उसे दिल्ली सरकार ने बंद करा दिया। परंतु अब नगर निगम अपने सीमित आर्थिक स्रोतों के बावजूद भी प्रत्येक वार्ड में 150 व्यक्तियों को पार्षद की सिफारिश पर एक वर्ष में एक व्यक्ति को अधिकतम 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जा सकेगी।
हरेक को पेट भर भोजन माननीय प्रधानमंत्री जी का धोषित लक्ष्य है। इसकी पूर्ति प्रत्येक वार्ड में 5 स्थानों पर नगर निगम अटल रसोई योजना के अंतर्गत 10 रूपये की थाली 01-04-2019 से उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पायलेट प्रोजेक्ट शालीमार बाग वार्ड में वार्ड न. 63 में आरम्भ कर दिया गया है। इसके लिए 10 करोड़ 40 लाख की राशि बजट में उपलब्ध करा दी गई है।
हम अगले वर्ष के लिए प्रत्येक वार्ड में सेन्टेशन के लिए 25 लाख रूपये ,वार्ड विकास फंड 1 करोड़ रूपये, स्ट्रीट लाईट के लिए 25 लाख रूपये, सड़कों के विकास के लिए 50 लाख रूपये, नियमित काॅलानियों के विकास के लिए 50 लाख रूप्ये, अनियमित काॅलोनियों के विकास के लिए 200 लाख रूप्ये, देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 108 लाख, नरेला विकास के लिए 270 लाख रूप्ये और ग्रामीण विकास के लिए 12 करोड़ रूपये अतिरिक्त दिये जायेगें।
वर्ष 2019-20 में प्रत्येक वार्ड में एनजीओ के द्वारा एक-एक फिजियोथेरेपी सैंटर खोलने का प्रयास है जिससे निगम को आमदनी भी होगी और लोगों को चैरीटेबल रेट पर सुविधा मिलेगी, वेन्डिंग जोन – टाउन वेन्डिंग कमेटी द्वारा निर्धारित पार्षद की सहमति से, स्मार्ट रेहड़ी, योग वाटिका, नक्षत्र वाटिका, हर्बल पार्क, माॅडल मार्केट, विज्ञापन के लिए एलईडी वाॅल, वीकली नवोदय बाजार, शाॅप आन व्हील तथा प्रत्येक जोन में दो मल्टीपरपस हाॅल, डाॅग शेल्टर, गौशाला और स्मार्ट पोल योजना निःशुल्क वाईफाई सुविधा, चार्जिंग सुविधा, एलसीडी डिसप्ले एडवरटाईजमेंट, चार सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध कराने की महति योजना पर कार्य पूरा करने का पर्यास किया जा रहा है।
हमारी योजना बड़े भूखण्डों पर निवासियें, व्यपारिक तथा कार्यालय निर्माण की है इन्हें बडे़ सरकारी विभागों जैसे कि आयकर विभाग आदि विभागों को लीज या किराये पर देया जायेगा। जिससे की इनसे होने वाली कमीटिड आय में रूकावट न हो।
सयुंक्त दिल्ली नगर निगम के त्रि-विभाजन के समय दिल्ली सरकार द्वारा नगर निगमों पर जो कर्ज और ब्याज माफी की धोषणा की थी उसको भी बिना देरी के लागू किया जाए।
नेता सदन ने यह भी कहा की स्वच्छ भारत मिशन की सफलता हमारा प्रमुख ऐजंेडा है। इस पर नगर निगम ने मशीनों, डबल बिन, सक्शन व जेटिंग मशीन, ट्राई साइकिल रिक्शा आदि पर लगभग 370 करोड़ खर्च किये जा रहे है। प्राईवेट मकानों में शौचालय तथा ठोस कूड़ा उठाने पर लगभग 4000 करोड़ खर्च किये जा चुके है। यह सब उपकरण केन्द्र सरकार के सहयोग से खरीदें गये है।
केन्द्र सरकार से अनुमति लेकर हम र्डबेंचर के रूप में निगम द्वारा ऋण लेने की निति पर भी विचार कर रहे है।
नेता सदन ने यह भी कहा है कि नगर निगम एक्ट की धारा 152-ए जिसमें की 10 लाख रूपये से अधिक की सम्पति कर रिटर्न होने पर गलती होने पर 7 साल कठोर कारावास का प्रावधान है को निरस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होनें यह भी मांग की है कि नगर निगम मूल एक्ट में जो 100 अधिक संशोधन किये है उनपर नगर निगम की सहमति से पुनः विचार किया जाये और भारतीय संविधान की 12वी अनुसूची के अनुसार जो विभाग उ.दि.नगर निगम को नही दिये गये है उन्हें भी दिल्ली सरकार उ.दि.न.निगम को हस्तांरित करेें।

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