Saturday, April 20, 2019
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प्यार के अग्रदूत थे- संत वेलेटाइन (14 फऱवरी वेलेटाइन डे पर विशेष)

लाल बिहारी लाल

1260 में संकलित की गई  एक पुस्तक  ‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ में सेंट वेलेंटाइन का वर्णन मिलता है। इसके अनुसार रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन था। उसका  मानना था कि लोग पारिवारिक मोह माया एंव  प्रेम विवाह करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि कम होती है जिससे सेना में सही से काम करने में दिक्कत आती है। और लोग सैनिक बनने के प्रति उदासीन थे।  अतः उसने एक आदेश जारी की कि उसका कोई भी सैनिक या अधिकारी विवाह नहीं करेगा। राजा के इस आदेश के  संत(पादरी)  वेलेंटाइन ने इस क्रूर आदेश का विरोध किया। क्योकि वह प्यार मोहब्बत के पक्षधर थे। उन्हीं के आह्वान पर अनेक सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किए। आखिर क्लॉडियस ने 14 फरवरी सन् 269 को संत वेलेंटाइन को राज्यादेश के उलंधन के आरोप में  फांसी पर चढ़वा दिया। तब से उनकी स्मृति में प्रेम दिवस मनाया जाता है। और आज वेलेनटाइन डे पश्चिमी देशों  से निकलकर सारी दुनिया में पैल गई है। और उन्ही की याद में हर साल प्रेम एवं बंधुत्व को बढ़ावा देने के लिए प्यार के दिन के रुप में 14 फरवरी को  पर साल वेलेनटाइन डे मनाते हैं। हाला कि भारत सहित कई देशों में इस पश्चिमी  संस्कृति के विरूद्ध  विरोध भी होता है खासकर भारत के पश्चिमी प्रदेशों  में।

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