Wednesday, July 17, 2019
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प्रधानमंत्री ने असम में बायो रिफाइनरी प्रोजेक्ट की रखी आधारशिला, एनआरएल, फोर्टम और केमपोलिस का संयुक्त उपक्रम

संवाददाता (दिल्ली) फोर्टम ओइज, फिनलैंड की 100 फीसदी मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी फोर्टम 3 बीवी के साथ भारतीय सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) और फिनलैंड की प्रौद्योगिकी कंपनी केमपोलिस ने असम, भारत में बायोरिफाइनरी बनाने और परिचालन करने के लिए एक संयुक्त उद्यम बनाने की घोशणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संजय अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, फोर्टम इंडिया, एस.के. बरूआ, प्रबंध निदेशक, एनआरएल के साथ पेर लैंगर, कार्यकारी उपाध्यक्ष और श्रीमती हेली एंटिला, उपाध्यक्ष, फोर्टम ओइज और संयुक्त उद्यम कंपनी असम बायो रिफाइनरी प्राइवेट लिमिटेड के अन्य निदेशकों की उपस्थिति में असम में एक बायो-रिफाइनरी स्थापित करने और परिचालन करने के लिए शिलान्यास किया। यह समारोह भारत के स्थायी लक्ष्यों का समर्थन करने के प्रति फोर्टम की प्रतिबद्धता की पुश्टि करता है। इस रिफाइनरी का निर्माण कार्य जून, 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस उद्यम के अंतर्गत फोर्टम और केमपोलिस 50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी में निवेश करेंगी, जबकि बहुलांष 50 फीसदी हिस्सेदारी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के पास होगी। अपने तरह की पहली बायोरिफाइनरी फाॅर्मिको-टेक्नोलाॅजी पर आधारित होगी जिसे केमपोलिस द्वारा विकसित किया गया है। इस बायोरिफाइनरी के लिए सबसे प्रमुख कच्च माल बांस है। मुख्य उत्पाद बायो-एथेनाॅल एनआरएल को बेचा जाएगा जो इसे पेट्रोल में मिलाएगी। इसके अलावा बायोरिफाइनरी अन्य बायोकेमिकल और बायोकोल का उत्पादन करेगी। बायोकोल का इस्तेमाल बायोरिफाइनरी के लिए गर्मी और बिजली का उत्पादन करने के लिए सीएचपी संयंत्र में किया जाएगा। अतिरिक्त बिजली एनआरएल की तेल रिफाइनरी को बेची जाएगी जहां यह जीवाष्म बिजली उत्पादन की जगह लेगी।

इस खास मौके पर संजय अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, फोर्टम इंडिया ने कहा, ’’हम इस अवसर पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान निवेशकों की भावनाओं में सुधार करने और फोर्टम जैसी कंपनियों को भारत में निवेश लाने में मदद करने के लिए किए गए प्रयासों और बायो फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की सराहना करना चाहेंगे क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा बचाने, कचरा प्रबंधन और घरेलू एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोत मुहैया कराने जैसी कई प्रमुख समस्याओं का समाधान होता है। हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां प्राकृतिक संसाधन लगातार कम हो रहे हैं और हम संसाधन दक्षता के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। विश्व के भविष्य के लिए बायोमास मूल्यवान कच्चा माल है जिसका इस्तेमाल कहीं अधिक मूल्यवान वस्तुओं के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। चूंकि फोर्टम इंडिया ने एनआरएल और केमपोलिस के साथ बायो रिफाइनरी बनाने और परिचालन करने के लिए साझेदारी में भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है, ऐसे में हम स्थायी विकास की दिशा में देश का समर्थन करना चाहते हैं।’’

 

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