Wednesday, January 22, 2020
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सीबीआरई साउथ एशिया प्रा लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट‘ INDIA FLEXIBLE SPACE QUARTERLY DIGEST– Q1 2019 के परिणामों का ऐलान किया

मानव (दिल्ली) भारत की अग्रणी रियल एस्टेट कन्सल्टिंग फर्म सीबीआरई साउथ एशिया प्रा लिमिटेड ने आज अपनी रिपोर्ट‘ INDIA FLEXIBLE SPACE QUARTERLY DIGEST– Q1 2019 के परिणामों का ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 की पहली तिमाही में भारत में समग्र फ्लेक्सिबल स्पेस 277 फीसदी बढ़कर 2.9 मिलियन वर्ग फीट के आंकड़े पर पहुंच गया है। इस तरह फ्लेक्सिबल स्पेस में तिमाही-दर-तिमाही 70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसक अलावा बैंगलोर और दिल्ली-एनसीआर भारत में फ्लेक्सिबल स्पेसेज़ के लिए सबसे बड़े बाज़ार हैं, जो देश में फ्लेक्सिबल स्पेस लीज़िंग का आधे से अधिक हिस्सा बनाते हैं।
रिपोर्ट के परिणमों पर बात करते हुए अंशुमन मैगज़ीन, चेयरमैन एवं सीईओ, भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका, सीबीआरई ने कहा, ‘‘भारतीय फ्लेक्सिबल स्पेस का बाज़ार एपीएसी के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है, इसी के मद्देनज़र हमारा अनुमान है कि यह सेगमेन्ट निवेशकों के राडार पर बना हुआ है। हमें उम्मीद है कि इस सेगमेन्ट में लीजिंग क्वांटम जो 2018 में 7.1 मिलियन वर्ग फीट था, वह 2020 में बढ़कर 10 मिलियन वर्गफीट हो जाएगा और यह निवेशकों के राडार पर बना रहेगा।’’
हाइब्रिड और मैनेज्ड स्पेसेज़ ने 2019 की पहली तिमाही में क्रमशः 476 फीसदी और 36 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज कीहै।
कुल मिलाकर, सीबीआरई इस सेगमेन्ट में 2020 तक कुछ रूझानों की उम्मीद कर रहा है, जो निम्नानुसार हैंः
मजबूती से जमे हुए कोरपोरेट्स फ्लेक्सिबल स्पेसेज़ को अपना रहे हैंः मौजूदा कोरपोरेट्स के बढ़ते रूझानों केे कारण फ्लेक्सिबल स्पेस ऑपरेटर की अवधारणा को बल मिल रहा है। हमारा अनुमान है कि यह रूझान आने वाले समय में जारी रहेगा, क्योंकि ऑपरेटर ऑफरिंग्स को कस्टमाइज़ करना चाहते हैं और मेंबर लाॅयल्टीज़ को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उत्पादों की पेशकशः जैसा कि पहले भी बताया गया है कि हाइब्रिड स्पेसेज़ जैसी अवधारणा केे साथ फ्लेक्सिबल स्पेस के विभिन्न प्रारूप अब लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि फ्लेक्सिबल स्पेस के विभिन्न प्रकारों के बीच अंतर कम हो रहा है। हमारा अनुमान है कि ऑपरेटर्स आने वाले समय में ऐसे आॅफर्स लाएंगे जो उन्हें अपने नज़दीकी प्रतिस्पर्धियों से अलग बना सकें।
फ्लेक्सिबल स्पेसेज़ के कार्यालय की इमारतों तक सीमित रहने की संभावना नहींः सीबीआरई की 2018 रिपोर्ट के अनुसार फ्लेक्सिबल ऑपरेटर्स रीटेल स्पेस की ओर रुख करेंगे। यह रूझान अब तेज़ी से बढ़ रहा है- ऑपरेटर्स कम अच्छा परफोर्मेन्स देने वाले शाॅपिंग सेंटर और मिश्रित इस्तेमाल परियोजनाओं (कार्यालय एवं रीटेल) पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। हमारा अनुमान है कि ऑपरेटर्स इन प्राॅपर्टीज़ की लोकेशन और लागत को ध्यान में रखते हुए सेमी- इन्वेस्टमेन्ट ग्रेड या रीफर्बिश्ड विकल्पों पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।

 

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