Tuesday, February 25, 2020
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एचसीएल समुदाय ने ग्रामीण उत्तरप्रदेश में सतत आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए जयपुर रग्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी की

संवाददाता (दिल्ली)एचसीएल फाउंडेशन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, एचसीएल समुदाय ग्रामीण भारत में स्केलेबल और अनुकरणीय विकास माॅडल के निर्माण के लिए काम कर रहा है। एचसीएल समुदाय ने हरदोई जिले में ग्रामीण नागरिकों को उनके द्वार पर आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए भारत में हाथ से बने लक्ज़री रग्स के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक, जयपुर रग्स के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस प्रयास का उद्देश्य हरदोई जिले में कोथवन की महिलाओं को कारपेट बनाने का कौशल प्रदान करना तथा उन्हें रोजगार के सतत चैनल प्राप्त करने में मदद करना है।
साझेदारी के मुख्य आकर्षण:-
ऽ समुदाय कोथवन में 30 निर्माण इकाईयां स्थापित करेगा, जहां 500 हितग्राहियों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिया जाएगा।
ऽ जयपुर रग्स फाउंडेशन इन 30 सेंटरों को 120 करघे प्रदान करेगा और छः महीने का गहन हैंड्स आॅन प्रशिक्षण देगा।
ऽ प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले दिन से मुआवजा प्रदान करेगा और कारीगरों को अपने कौशल में सुधार करते हुए 8,000 रु. प्रतिमाह तक की आय अर्जित करने का अवसर होगा।
ऽ इस प्रोजेक्ट में पात्र हितग्राहियों को कारीगर कार्ड दिए जाएंगे, जो उन्हें अपना व्यवसाय शुरु करने पर बैंक लोन प्राप्त करने में मदद करेंगे।

इन 30 निर्माण इकाईयों में से प्रथम का उद्घाटन नवप्रीत कौर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एचसीएल समुदाय द्वारा किया गया और इसने 2 जुलाई, 2019 को प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरु किया। यह यूनिट इस साल सितंबर में उत्पादन प्रारंभ करेगी।
इस समय एचसीएल समुदाय हरदोई जिले के तीन ब्लाॅक्स – कचैना, बहंदर और कोथवन में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य इन तीन क्षेत्रों को छः मापदंडों – कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, आजीविका और वाॅश (वाटर, सैनिटेशन एवं हाईज़ीन) पर विकसित करना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मदद करने के लिए, समुदाय ने अनेक इनोवेटिव समाधानों का क्रियान्वयन किया है, जो घरों को कौशल विकास द्वारा अपनी आय बढ़ाने में मदद करेंगे। जयपुर रग्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी सुनिश्चित करेगी कि ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त हो तथा जयपुर रग्स के माध्यम से घरेलू और विदेशी बाजारों से स्थायी संपर्क साधकर पूरे क्षेत्र का विकास करने में मदद मिले।
इस अवसर पर मिस नवप्रीत कौर, डायरेक्टर, एचसीएल समुदाय ने कहा, ‘‘उत्तरप्रदेश अपने क्राफ्ट उद्योग के लिए मशहूर है। हरदोई जिले की अनेक महिलाएं क्राफ्ट के असंगठित सेक्टर से जुड़ी हैं, इसलिए उन्हें बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा नहीं मिल पाता। एचसीएल समुदाय के जयपुर रग्स फाउंडेशन के साथ गठजोड़ से महिलाओं को उचित हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण मिलेगा और वो अपने घर के नज़दीक रोजगार के अवसर पा सकेंगी। इससे महिलाएं न केवल वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाला पलायन काफी हद तक कम हो जाएगा।’’

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