Monday, March 30, 2020
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एसएपी इण्डिया के कोड उन्नति और प्रोजेक्ट नन्ही कली ने भारत में लड़कियों के सशक्तीकरण के लिए मिलाया हाथ

संवाददाता (दिल्ली) एसएपी इण्डिया के कोड उन्नति ने 2020 तक 11000 से अधिक वंचित लड़कियों को डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोजेक्ट नन्ही कली के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी की घोषणा हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ हर्ष वर्धन भी मौजूद थे।

‘‘सरकार ने लड़कियों के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाओं की शुरूआत की है, जैसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘सीबीएसई उड़ान योजना’ आदि। हम लड़कियों के विकास के लिए उन्हें एक समान अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं। हमें खुशी है कि एसएपी इण्डिया और महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा जैसे कोरपोरेट्स ने लिंग समानता को प्रोत्साहित करने के लिए हाथ बढ़ाए हैं।’’ भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ हर्ष वर्धन ने कहा।

महिन्द्रा ग्रुप से वी एस पार्थसारथी, जो लड़कियों की शिक्षा और प्रोजेक्ट नन्ही कली के समर्थक रहे हैं, ने कहा, ‘‘महिन्द्रा ग्रुप लड़कियों की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है, हमारा मानना है कि इसका सकारात्मक असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। प्रोजेक्ट नन्ही कली और एसएपी इण्डिया के बीच साझेदारी इस नेक काज को अगले स्तर तक ले जाएगी तथा अडवान्स्ड डिजिटल टेक्नोलाॅजी को समर्थन प्रदान करेगी। मैं ‘कोरपोरेट्स फाॅर चेंज’ का समर्थक रहा हूँ, और अगर कोरपोरेट्स इस दिशा में काम करने के लिए एकजुट हो जाएं तो इस अवधारणा का बदलावकारी प्रभाव सामने आएगा। यह एसोसिएशन अपने आप में खास है।’’

‘‘एसएपी में हम लोगों के जीवन मेां सुधार लाने और उन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 2017 से, कोड उन्नति के माध्यम से एसएपी 14 राज्यों में एक मिलियन से अधिक बच्चों को हमारे डिजिटल पाठ्यक्रम में शिक्षित कर चुका है। नन्ही कली के साथ हमारी यह साझेदारी लड़कियों को डिजिटल रूप से तैयार करेगी ओर उन्हें अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाएगी। कोड उन्नति और नन्ही कली के साथ हम लड़कियों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं और उन्हें समाज में डिजिटल बदलाव के लिए तैयार कर सकते हैं।’’ सिंधु गंगाधरन, एसवीपी एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, एसएपी लैब्स इण्डिया ने कहा।

महिलाएं भारत की आबादी का तकरीबन आधा हिस्सा बनाती हैं, किंतु देश में कार्यबल में महिलाओं का योगदान मात्र 25 फीसदी है । साक्षररता का स्तर ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 46 फीसदी है  और लड़कियां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बहुत पीछे हैं। देश में डिजिटल क्रान्ति लाने के लिए डिजिटल कौशल अनिवार्य है और प्रोजेक्ट नन्ही कली इसी दिशा में प्रयासरत है। इस प्रोग्राम के तहत सैकण्डरी स्कूल की लड़कियों को डिजिटल टैबलेट्स मुहैया कराए गए हैं जो एजुकेशनल कंटेंट से प्री-लोडेड हैं।

कोड उन्नति, एसएपी की प्रमुख पहल है, जो युवाओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्टैम शिक्षा और डिजिटल साक्षरता प्रदान करती है। महिला कार्यबल को डिजिटल साक्षरता प्रदान करना इस प्रशिक्षण मोड्यूल का मुख्य उद्देश्य है। कोड उन्नति प्रोजेक्ट नन्ही कली के साथ मिलकर काम करते हुए डिजिटल लर्निंग प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराएगा।

इसके अलावा लड़कियों के लिए अनुकूल प्रणाली का निर्माण करना, लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, समुदायों को लड़कियों की शिक्षा के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाना इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य है। यह साझेदारी संयुक्त राष्ट्र के विकास लक्ष्यों- गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सभ्य कार्य एवं आर्थिक विकास तथा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए साझेदारियों- में भी योगदान देगी।

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