Thursday, December 12, 2019
Home > ब्यापार > आधार,10 वर्षों के बाद: भारत के अनूठे डिजिटल पहचान के सबसे बड़े सर्वेक्षण की 10 मुख्य अंश

आधार,10 वर्षों के बाद: भारत के अनूठे डिजिटल पहचान के सबसे बड़े सर्वेक्षण की 10 मुख्य अंश

संवाद (दिल्ली) अग्रणी सामाजिक प्रभाव के सलाहकार समूह, डेलबर्ग ने आज स्टेट ऑफ़ आधार: ए पीपुल्स पर्सपेक्टिव रिपोर्टआधार की स्थिति : जनविचार रिपोर्ट को जारी किया, जिसमें आधार के अध्ययन के डाटा आधारित विचार हैं जो इसके आंतरिक बातों को समझने में सहायक हो सकते हैं।
इस अध्ययन से पता चलता है कि लोगों का अनुभव आधार को लेकर कैसा रहा है ,यह  सार्वजनिक पहचान कार्यक्रम है जो भारतीय नागरिकों के लिए है-इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है , कैसे अपडेट करते हैं और सार्वजनिक और निजी सेवाओं के लिए इसका कैसे उपयोग होता है, साथ ही इसके इस्तेमाल में व्यापक संवेदनाएं और विश्वास भी जुड़ा होता है। साथ ही यह डाटा बताता है कि आधार की कौन सी बातें जरूरी और अनावश्यक हैं।
यह शोध,इस सिद्धांत पर आधारित है जिसमे आधार के दैनिक प्रयोग करने वालों से बातचीत करके उनका अनुभवों की बहुमूल्य प्रतिक्रिया ली गयी है- इसलिए आधार की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर व्यावहारिक सामंजस्य की आवश्यकता है।
इस अध्ययन का उद्देश्य अधिक प्रभावशाली डिजिटल पहचान की ओर कदम बढ़ाना है , यह उन सभी भारतीय नागरिकों के लिए है जो इसको चाहते हैं।
10 मुख्य बातें/निष्कर्ष
1 . आधार भारत में सर्वव्यापक हो चुका है। 95% वयस्कों और 75% बच्चों के पास आधार है।
2-काफी संख्या में अल्पसंख्यक वर्ग के पास आधार नहीं है। अनुमानतः 28 मिलियन वयस्कों के पास आधार है ,यह स्थिति असम और मेघायलय ज्यादा है जहाँ वैधानिक निवासी होना, पंजीकरण को धीमा कर देता है। कमजोर समूहों में विपरीतलिंगी निवासी (30 %) और बेघर (27%) लोगों के पास पहचान पत्र नहीं है।
3-आधार प्रक्रिया में सबसे कठिन प्रक्रिया अपडेट करने की है। पांच व्यक्तियों में से एक व्यक्ति जिन्होंने आधार को अपडेट करने की कोशिश की ,मगर असफल रहे। 4% आधार कार्डों में वर्तमान में गलतियां हैं।
4-आधार समावेशन का समर्थन करता है। लगभग 49% लोगों ने आधार का उपयोग एक से अधिक सेवाओं जैसे खाद्य राशन ,बैंक अकाउंट, और सामाजिक पेंशन में पहली बार किया है। लगभग 8% लोगों ने आधार का प्रयोग अपने पहले पहचानपत्र के रूप में किया।
5-आधार की समस्या यह भी है कि कभी-कभी लोककल्याण सेवाओं के लिए इसको अमान्य कर दिया है। 0.8% को लगता है कि आधार के कारण उन्हें मुख्य रूप से मिलने वाली सुविधाओं (पीडीएस राशन, एमजीएनआरईजीएस, सामाजिक पेंशन) से वंचित होना पड़ा, जो उन्हें पहले उपलब्ध होती थी (बनाम 3.3 % गैर आधार के कारण ) .
6-आधार के कारण सेवा पहुँचाने में सुधार हुआ है। 80% मानते हैं कि आधार के कारण पीडीएस राशन ,एमजीएनआरईजीएस या सामाजिक पेंशन लेना अधिक आसान हुआ है। आधार को लेकर 40% निवासियों का मानना था कि आधार के कारण उन्हें एक ही दिन में सिम कार्ड मिल गया जबकि दूसरे पहचान पत्रों के साथ यह बात नहीं थी।
7-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कई लोगों को लगता है कि आधार बैंक अकाउंट ,सिम कार्ड्स, और स्कूल के पंजीकरण के लिए वास्तविक रूप से अनिवार्य है। आधे से अधिक लोग, जिन्होंने आधार का प्रयोग, सिम कार्ड या बैंक अकाउंट खोलने के लिए किया, उसमे सेवा प्रदाताओं ने सिर्फ आधार को पहचान के रूप में स्वीकार किया।  6 से 14 वर्ष के 0.5% विद्यार्थियों को स्कूल में दाखिला आधार न होने के कारण नहीं मिल सका।
8-अधिकांश लोगों ने आधार की व्यापकता को लेकर प्रशंसा की,कुछ लोग चिंतित दिखे। 72% लोगों ने इस सुविधाजनक पहचान पत्र की तारीफ़ की, जबकि आधे लोगों ने ढेर सारी सुविधाओं से जुड़े होने के कारण इस पर शंका जताई।
9-अधिकांश निवासी आधार से संतुष्ट हैं और इस पर भरोसा करते हैं। 92% लोगों ने आधार के प्रति संतुष्टि दिखाई। 67% लोग जिनकों आधार के कारण सुविधाओ से वंचित होना पड़ा वह भी आधार कार्ड को लेकर संतुष्ट दिखे। 90% लोगों का मानना था कि उनके आंकड़े सुरक्षित हैं , जबकि 61% मानते हैं कि दूसरे लोग उनका लाभ नहीं उठा सकते। 8 % मानते हैं कि इसका दुरूपयोग संभव है।
10-नए डिजिटल फीचर को अभी भी इसमें समाहित करना बाकी है। 77% ने इसके कई फीचरों जैसे एम-आधार,क्यूआर कोड,वर्चुअल आधार या मास्क्ड आधार का उपयोग कभी नहीं किया है। सिर्फ 39% निवासियों ने अपना सही मोबाइल फोन नंबर आधार से जोड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *