Tuesday, February 25, 2020
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मणिपाल हॉस्पीटल्स द्वारका ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस के लिए एम्बुलेंस डे पर सीपीआर प्रशिक्षण का आयोजन किया

संवाददाता (दिल्ली) कार्डियैक अरेस्ट के कारण आम लोगों के बीच होने वाली मौतों की संख्या कम करने की कोशिश में भारत के अग्रणी हेल्थकेयर प्रदाता मणिपाल हॉस्पीटल्स ने दिल्ली के ट्राफिक पुलिसकर्मियों के लिए कार्डियोपलमोनरी रीससकीटेशन (सीपीआर) पर एक जानकारी भरा सत्र आयोजित किया। वर्ल्ड एम्बुलेंस डे के भाग के रूप में इमरजेंसी मेडिसिन के प्रमुख डॉ. सुशांत छाबड़ा और उनकी टीम ने पुलिस वालों के साथ अग्नि शमनकर्मियों को यह बुनियादी जानकारी दी कि किसे, कब और कैसे सीपीआर देना है।

बेसिक (बुनियादी) लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और सीपीआर ट्रेनिंग के अलावा इस टीम ने स्ट्रेस मैनेजमेंट, डायट कंट्रोल, व्यायाम की दिनचर्या और हार्ट अटैक के भिन्न लक्षणों की चर्चा की जिसपर नजर रखना चाहिए। कार्डियो पलमोनरी रीससकीटेशन (सीपीआर) से हृदय और मस्तिष्क को खून का प्रवाह बनाए रखने में सहायता मिलती है। यह आगे के उपाय किए जाने तक मस्तिष्क के काम काज को मानवीय तौर पर बनाए रखने की एक कोशिश है तथा जाना-माना व प्रभावी तकनीक है जिससे व्यक्ति के जिन्दा रहने की संभावना बनती है।

भिन्न मेडिकल स्थिति में लोगों तक पहुंचने और उन्हें सहायता मुहैया कराने में एम्बुलेंस काफी मददगार होते हैं। पहुंच और देखभाल (केयर) के लिहाज से एम्बुलेंस जो सेवाएं मुहैया करा सकते हैं उनके मद्देनजर इमरजेंसी केयर में बदलाव लाने के लिए काफी संशोधन किए गए हैं। ऐसी ही एक पहल है, मणिपाल हॉस्पीटल्स द्वारा मार्स (एमएआरएस)। इसके तहत एक समर्पित एम्बुलेंस रेसपांस सेवा मुहैया कराई जाती ही। एम्बुलेंस में जीपीएस टेक्नालॉजी, सर्वीलांस टेक्नालॉजी और एक सेंट्रल कमांड सेंटर होता है ताकि सेवाएं कार्यकुशल ढंग से काम कर सकें। एमएआरएस में एक उन्नत ईएमटी और प्राथमिक उपचार में प्रशिक्षत ड्राइवर होता है और इस तरह इमरजेंसी एम्बुलेंस रेसपांस तथा पेशेंट ट्रांसपोर्ट सर्विस के बीच एक उपयुक्त संतुलन स्थापित होता है।

मणिपाल हॉस्पीटल ने गए साल एक देशव्यापी अभियान का आयोजन किया ताकि शिक्षकों को हार्ट स्मार्ट तकनीक की जानकारी दी जा सके। इसे भारी कामयाबी मिली और 25,000 से ज्यादा शिक्षकों को प्रमाणित किया गया।

 

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