Thursday, February 20, 2020
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गृहनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को 2020 के दौरान पुनर्जीवित करने के लिए सरकार का राजकोषीय पैकेज: रिलायंस होम फाइनेंस

वर्ष 2020 में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रमुख राजकोषीय पैकेज से गृहनिर्माण क्षेत्र  के विकास को पुनर्जीवित करने की संभावना है, यह बात रिलायंस होम फाइनेंस के कार्यकारी निदेशक और सीईओ रवींद्र सुधालकर ने कही है।
सुधालकर का मानना है कि अंततः गृहनिर्माण क्षेत्र के विकास की वृद्धि को उत्प्रेरित करते हुए ,पिछले साल सरकार द्वारा घोषित किए गए राजकोषीय पैकेज का प्रभाव इस  साल सकारात्मक रूप से दिखने की  संभावना है।
उन्होंने  कहा कि वर्तमान में 15 साल के कम समय में गृह कर्ज पर नियंत्रण  और ब्याज दरों के तहत मुद्रास्फीति के साथ, यह मान लेना सुरक्षित होगा कि घर खरीदारों के लिए अपनी संपत्ति में निवेश करने का आदर्श समय हो सकता है,”।
देश का रियल एस्टेट  सेक्टर एक गंभीर नकदी  की कमी से जूझ रहा है। हालांकि, सरकार ने इस क्षेत्र में नकदी की कमी को दूर  करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चीजों को बेहतर बनाने की कोशिश की है।

सुधालकर कहते हैं ,वर्ष 2020 की शुरुआत भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए, विशेष रूप से घर खरीदारों के लिए एक सकारात्मक पायदान से शुरू हुई है। पिछले साल सरकार और नीति निर्माताओं ने गृहनिर्माण  क्षेत्र के विकास को पुनर्जीवित करने के लिए कई पहलों की घोषणा कीथी ।  इस साल बेहतरी के लिए किये गए उपायों से घर खरीदारों और बिल्डरों (भवन निर्माताओं) दोनों को फायदा होगा।
उन्होंने कहा , बैंकों को पुनर्पूंजीकृत करने के लिए सरकार के उपाय, उनसे  (हाउसिंग फाइनेंस कंपनीज़) एचएफसी  और एनएफसी  के लोन पूल खरीदने का आग्रह, करना , प्रतिभूतिकरण के दिशानिर्देशों को संशोधित करना, एनएचबी  के माध्यम से नकदी  को प्रभावित  करना, 30,000 करोड़ रुपये के किफायती हाउसिंग फ़ंड की स्थापना करना, सभी ने निधि की गति को  फिर से शुरू करने में मदद की है । इससे इस साल इस क्षेत्र के लिए  तेज गति लाने की संभावना है।
अतिरिक्त वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) मानदंडों में छूट, अन्य लोगों के अलावा, रियल एस्टेट डेवलपर्स को भी राहत  देने में मदद मिली है।

सुधालकर के अनुसार,2019 में निर्माण गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए 1,600 रुकी हुई परियोजनाओं को वित्तीय मदद देने के लिए 25,000 करोड़ रुपये  की निधि बनाने की  घोषणा ने घर खरीदारों में आशा  उत्पन्न किया है। सरकार ने घर खरीददारों के  लिए जीएसटी में कमी और गृह ऋण पर कर छूट में वृद्धि के माध्यम से घर खरीदारों को सहायता प्रदान की है की।
2018 में आईएल एन्ड एफएस  फियास्को में  वित्त पोषण की कमी भारत के गृहनिर्माण  क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। तब गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी ) और एचएफसी  तब तक रियल एस्टेट सेक्टर के लिए निधि उपलब्ध करने  का सबसे बड़ा स्रोत थे। हालांकि, बैंकों और म्यूचुअल फंड ने एनबीएफसी और एचएफसी के लिए अपना स्रोत एक तरह से बंद कर दिया है, इस वित्तपोषण स्रोत  ने सूखा चलना शुरू कर दिया था।

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