Saturday, October 31, 2020
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चंपारण सत्याग्रह के प्रणेता पंडित राजकुमार शुक्ल की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित

सोनबरसा के समीप राहगीरों को कराया गया भोज तथा जरूरमन्दों के बीच राहत सामग्री का हुआ वितरण

धीरज कुमार सिन्हा (आरा) चंपारण आंदोलन के प्रणेता महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल जी के 91वी पुण्यतिथि के अवसर पर जिले में कई कार्यक्रम आयोजित हुए । पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष उदय भट्ट के नेतृत्व में सोनवर्षा एन एच 39 के समीप कोरोना आपदा के कारण पैदल एवं अन्य साधनों से जा रहे राहगीरों को संस्थान के सदस्यों ने भोजन करा कर शुक्ला जी का पुण्यतिथि मनाया । इस अवसर पर लगभग 600 लोगों को खाना खिलाया गया, वही कई जरूरतमंदों को राहत सामग्री भी दी गई ।
कोरोना आपदा में लॉक डाउन के कारण बहुत से लोग एक जगह से दूसरी जगह सड़क मार्ग से पैदल या अन्य साधनों से जा रहे हैं जिसके कारण खाने पीने में भी कठिनाई उत्पन्न हो रही है । ऐसे में संस्थान के सदस्यों ने लोगों को भोजन कराकर पंडित राजकुमार शुक्ल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।
यह संस्थान हमेशा से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है । पूर्व में भी जिला के कई गांव में कोरोना से बचाव हेतु जनउपयोगी सामग्री का भी वितरण किया है ।
कार्यक्रम के नेतृत्व कर्ता उदय भट्ट ने बताया कि पंडित राजकुमार शुक्ल त्याग की प्रतिमूर्ति थे। किसानों पर अंग्रेजों के अत्याचार एवं जुल्म को देखते हुए उन्होंने पश्चिम चंपारण में किसान आंदोलन की नींव रखी । महात्मा गांधी जी को पहली बार बिहार बुलाने का श्रेय शुक्ल जी को ही है जहां से गांधी जी ने चंपारण सत्याग्रह छेड़ा । महात्मा गांधी को सर्वप्रथम महात्मा की उपाधि शुक्ल जी ने ही दिया था । इनके प्रेरणा से ही संस्थान सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है ।
वही अखिल भारतीय भट्ट ब्राह्मण महासभा शाहाबाद प्रक्षेत्र आरा के तत्वधान में भट्ट भवन में महासभा के अध्यक्ष बाल्मीकि शर्मा एवं अन्य पदाधिकारियों ने शुक्ल जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।
वही शुक्ल स्मृति संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष राजेश भट्ट ने दूरभाष के माध्यम से उपस्थित युवाओं का हौसला अफजाई करते हुए बताया कि संस्थान के प्रयास के कारण बिहार में कई जगह राज्य सरकार के द्वारा शुक्ल जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है । वहीं इन्होंने बिहार सरकार से पुनः अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि बिहार सरकार को शुक्ल जी की जीवनी को पाठ्यपुस्तक में शामिल करना चाहिए ताकि आगामी पीढ़ी इनके त्याग बलिदान एवं संघर्ष को जान सके ।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों में धर्मेन्द्र राय, बबलु राय, रितेश,प्रमोद राय, विकाश राय, टुन टुन सिंह, संतोष सिंह , विनोद राय, सन्टी भट्ट,अनिल शर्मा, शिवम,मनोरंजन भट्ट,असीम कुमार टुनटुन, डॉ कुमार भरत, मनोरंजन भट्ट सहित कई थे ।

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