Monday, October 26, 2020
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बिहार में 19 लाख ‘श्रमशक्ति’ की स्किल मैपिंग फिर भी क्यूँ जारी है पलायन: ललित सिंह (जेडीएस)

संवाददाता (पटना) आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी राजनीतिक दल प्रचार-प्रसार में लगे हैं। कोरोना काल में प्रचार का माध्यम वर्चुअल हो चुका है। इसी बीच
बिहार में जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व सर्वदलीय समन्वय समिति के अध्यक्ष श्री ललित सिंह मीडिया से वार्ता करते हुए नीतीश सरकार पर हमलावर दिखे। उन्होंने राज्य की एनडीए सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाए कि बिहार में जंगल राज पार्ट 2 स्थापित हो चुका है और नौजवानों व किसानों को हाशिये पर धकेला जा चुका है।
श्री ललित सिंह ने कहा, “बिहार में दो वर्ग दया का पात्र है, एक किसान दूसरा नौजवान। दोनों का सत्ताधारी दल या विपक्ष भरपूर इस्तेमाल करते हैं। फिर काम निकल जाने के बाद इन्हें तिरस्कृत कर देते हैं। किसानों के साथ तो ये लंबे समय से होता आया है। पूरे प्रदेश में दलाल और माफियाओं के बोलबाला है। एक तरफ़ सरकार किसानों से  ₹3.00 से लेकर ₹3 50 पैसा प्रति किलो के हिसाब से शुल्क काटेगी, जो दलाल राज के ऑफिसरो को दलाली में दी जाएगी अर्थात 300 से ₹350 प्रति क्विंटल।”
“कल संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि कितने मज़दूर लॉकडाउन की वजह मारे गए हैं ये जानने के लिए उनके पास कोई आँकड़ा नहीं है। ये बेहद गंभीर स्थिति है। जब लाखों श्रमिक लौट कर बिहार आ रहे थे तो बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार ने कहा था कि ये मज़दूर देश की ‘श्रमशक्ति’ हैं। राज्य सरकार के मुताबिक़ 19 लाख से अधिक कामगारों की स्किल मैपिंग भी हुई थी। तो फिर उन्हें बिहार में नौकरियां क्यूँ नहीं मिली? आज आलम ये है कि एक बार फिर उन्हें पलायन का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। बड़े शहरों के ठेकेदार व बिल्डर उन्हें प्रलोभन देकर इंडिगो और स्पाइस जेट से चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली बुला रहे हैं।”
श्री सिंह ने आगे कहा, “दूसरा नौजवान, आज बिहार में छः लाख से ऊपर सरकारी नियुक्तियां है पर बहाली नहीं हो रही। आज की तारीख में 1 करोड़ से ऊपर शिक्षित बेरोजगार हैं लेकिन सरकार के पास कोई ठोस कार्यक्रम नहीं है कि इनका इस्तेमाल कहाँ और किस उद्योग में करना है, क्योंकि सारे उद्योग या तो क्रिमिनल के किडनैपिंग उद्योग के शिकार हो गए या फिर सरकारी उदासीनता ने उन्हें बंद होने पर मजबूर कर दिया। नौकरी के नाम पर देने के लिए सरकार के पास कुछ नहीं है। बिहार पिछले डेढ़ दशक से कराह रहा पर सुनने वाला न पक्ष और ना विपक्ष, दोनों का एक ही उद्देश्य है कि भयादोहन का डर दिखा कर सत्ता हासिल करना।”
ग़ौरतलब है कि जनता दल (सेक्युलर) बिहार में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। लिहाज़ा, आने वाले दिनों में पार्टी सुप्रीमो व पूर्व प्रधानमंत्री श्री एचडी देवगौड़ा पटना में प्रेस वार्ता कर सकते हैं। बिहार दौरे के दौरान  पूर्व प्रधानमंत्री श्री एचडी देवगोडा, श्री हलदर कांत मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष – जेडी(एस) और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बात सलाह-मशविरा करेंगे।

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