Friday, December 4, 2020
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साईं इंटरनैशनल स्कूल : भारत के स्कूलों में पहले स्थान पर

संवाददाता (दिल्ली) एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग-2020 की तरफ से भारत के 2000 प्राथमिक-माध्यमिक स्कूलों में कराए गए अति विस्तृत सर्वेक्षण में इसे दिवा-आवासीय स्कूल वर्ग में ‘न्यूमेरो युनो ‘ स्थल का खिताब दिया गया है I

भुवनेश्वर, एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग-2020 की तरफ से भारतीय के-12 शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उन्नति के लिए साईं इंटरनैशनल स्कूल को दिवा-आवासीय स्कूल वर्ग में प्रथम स्थान से नवाज़ा गया है I ऐसा पहली बार हुआ कि पूर्वी भारत के किसी स्कुल को विश्व के अत्यंत विश्वस्त विद्यालय-वर्गीकरण सर्वेक्षण संस्थान के द्वारा इतना सम्मानजनक स्थान मिला हो I ओडिशा के सर्व श्रेष्ठ विद्यालय से भारत के सर्व श्रेष्ठ विद्यालय बनने के पीछे इसके उद्देश्यपरक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता तथा उत्कृष्टता हेतु सतत चेष्टा का बहुत बड़ा योगदान है I यह देश की अभूतपूर्व घटना है कि साईं इंटरनैशनल स्कूल ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपनी स्थापना के 12 वर्षों से भी कम समय में हासिल कर ली है I डी पी एस आर के पुरम के साथ भारत के प्रथम स्कुल होने के गौरव को प्राप्त करते हुए साईं इंटरनैशनल स्कूल देश के सुप्रसिद्ध स्कूलों –ग्रीनवुड हाई, बैंगलोर,इंदौर के एमराल्ड हाइट्स इंटरनैशनल स्कुल, हैदरावाद के हैदरावाद पब्लिक स्कुल, मॉडर्न स्कुल, दिल्ली, पल्लीकूदम स्कुल,कोट्टायम, भोपाल के शंकर वेल्ली स्कुल, दिल्ली तथा नोएडा के डी पी एस आदि से कई कदम आगे निकल गया है।
एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2020 को सर्वाधिक व्यापक विद्यालय-वर्गीकरण संस्थान के रूप मे स्वीकार किया जाता है । यह देश के 2000 प्राइमरी – सेकेंडरी स्कूलों का सर्वेक्षण तीन वर्गों (दिवा विद्यालय, आवासीय विद्यालय तथा अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय) में करता है। सर्वेक्षण सी-फोर्स संस्था द्वारा किया जाता है जिसे चुनावी सर्वेक्षण, मार्केट रिसर्च, जनमत सर्वेक्षण तथा कर्मचारी-प्रदर्शन मूल्यांकन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है।
इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया रखते हुए विद्यालय के संस्थापक-चेयरमैन डॉ विजय कुमार साहू जी ने कहा-‘यह एक ऐतिहासिक क्षण और गौरव की बात है कि साईं इंटरनैशनल स्कूल को यह विजय तिलक प्राप्त हुआ। भारत का नंबर-1 स्कूल बन जाने से यह न केवल ओडिशा को के-12 शिक्षा-क्षेत्र में भारत का अग्रगामी प्रांत बना दिया, बल्कि शिक्षा में नवोन्मेष को भी प्रमाणित किया। इस अल्पावधि में विद्यालय की प्रक्षेपवक्र वृद्धि तथा अविश्वसनीय उपलब्धि हमारे अभिभावकों के प्रत्यक्ष योगदान, सहयोग तथा प्रगाढ़ विश्वाश से संभव हो पाया है। साथ ही विद्यार्थियों के अध्यवसाय, अथक परिश्रम तथा उत्सर्गिकृत-अनुभवी शिक्षकों ने इस उपलब्धि को सहज-लब्ध बना दिया। इस उपलब्धि ने विद्यालय द्वारा नियमित रूप से श्रेष्ठ विद्यार्थियों के निर्माण एवं शिक्षा-क्षेत्र में उत्कृष्टता के इसके लक्ष्य की पुष्टि कर दी है।‘
इस वर्ष स्कूलों का मूल्यांकन एक व्यापक मानदंड पर किया गय। सी-फोर्स के १२२ सर्वेक्षण अधिकारियों ने ४३४० शिक्षशास्त्रियों /अध्यक्षों/ शिक्षकों , ७५९७ प्रत्यक्ष अभिभावकों तथा विद्यार्थियों का साक्षात्कार लिया। यह सर्वेक्षण २८ प्रमुख नगरों में १४ मानदंडों पर लिया गया जिनमे शिक्षक-कल्याण व उन्नति, शैक्षिक प्रसिद्धि, शिक्षक-क्षमता (दोहरा महत्त्व प्राप्त), नेतृत्त्व, आधारिक संरचना तथा खेल-शिक्षा शामिल हैं।
इस पेंडामिक के दौरान सभी कठिनाइयों से जूझते हुए भी विद्यालय ने अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा का बेहतरीन सर्वग्राही अनुभव प्रदान किया। तकनीक को सामयिक साधन बनाकर संस्था ने सतत शोध को बढ़ावा देते हुए इस कठिन समय से अपना उद्धार ही नहीं किया बल्कि अपने विद्यार्थियों तथा शक्षकों के उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त किया।
‘साई’ ने अपने करिकुलम में अंतर्राष्ट्रीयता का समावेश कर विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक प्रथाओं से अवगत कराते हुए उन्हें एक विस्तृत -व्यापक आयाम मुहैया कराया। अपने नवोन्मेषी-वैश्विक कार्यक्रमों के कारण इसे कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों सा नवाजा जा चुका है ; जिनमे मुख्य हैं–यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल (ASPnet),पैरिस , भारत-भूटान के यूनाइटेड नेशंस इन्फर्मेशन सेंटर, ब्रिटिश काउंसिल, किड्स फॉर पीस , यु एस ए; नैशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एन्ड ट्रेनिंग। यूनाइटेड नेशंस के 60 वे एनीवर्सरी पुब्लिकेशन्स : ‘सेवन डेकेड्स एन्ड बियॉन्ड : द यू एन इंडिआ कनेक्ट’ में इसे स्थान प्राप्त हुआ। यह भारत और यू एन के सुदीर्घ सात सालों के सफर पर रौशनी डालता है । साई के सहयोगियों में हैं–माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एबोड, ब्रिजयूं, तथा कॉग्निटिव एक्सचेंज। साई को माइक्रोसॉफ्ट, यु एस ए के द्वारा माइक्रोसॉफ्ट इन्नोवेटिव स्कूल तथा माइक्रोसॉफ्ट शोकेस स्कूल का दर्जा भी हासिल हुआ। साई राउंड स्क्वेर , यूके, ए ऍफ़ एस , यू एस ए , मैक्स म्युलर, जर्मन कांसुलेट, तथा केम्ब्रिज विश्वविद्यालय का भी सहयोगी संस्था है।
नवीन इतिहास रचने की अपनी परम्परा को जारी रखते हुए साई ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के सहयोग से नवोन्मेषी शिक्षण के माध्यम से निरंतर शिक्षण को अबाध बनाए रखा जिसका परिणाम कक्षा दसवीं तथा बारहवीं के उत्कृष्ट परीक्षा-परिणाम के रूप में देखने को मिला।

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