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*सदगुणों को उर में स्थापित करता है गुरु*

चंद्रमणि पाण्डेय                                                  बस्ती( उत्तर प्रदेश ) युं तो आज के आधुनिक समाज में गुरु शब्द किसी के लिए भी प्रयोग किया जाता है किन्तु गुरु तो महज

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महाकवि गोपालदास नीरज के गीतों का कारवां सदा के लिए थम गया

लाल बिहारी लाल हिंदी के महाकवि गोपालदास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1925 को उ.प्र.के इटावा जिला केपुरावरी गांव में हुआ था। इनका बचपन काफी मुफलिसी में बिता । शुरु में गंगा मैयामें चढ़ाये जाने वाले 5 या 10 पैसे को नदी से एकत्र कर जीवन यापन होता था। इसमुफलिसी ने

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बेमतलब का अविश्वास प्रस्ताव

विश्वजीत राहा (स्वतंत्र टिप्पणीकार) ...तो वर्तमान मोदी सरकार के निर्धारित मियाद के आखिरी दौर में सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान शुक्रवार को होना तय हो गया। मौजूदा मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस, टीडीपी सहित 50 से भी ज्यादा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के

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बूढ़ा शेर क्यों दहाड़े

अमर सिंह बिष्ट, संस्थापक ट्रस्टी (शंकल्प शक्ति फाउंडेशन संस्था ) इस कलम के माध्यम से मैँ अमर सिंह बिष्ट, शंकल्प शक्ति फाउंडेशन संस्था का संस्थापक ट्रस्टी जो समाज के सम्मानित बुजुर्ग वर्गों के कल्याण व् अधिकार के लिए निरंतर अपनी टीम के साथ लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, पूर्वी जिला में काम

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विकास के लिए जनसंख्या दर को कम करना होगा : लाल बिहारी लाल

सन 1987 में विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार गईतभी से सारी दुनिया में जनसंख्या रोकने के लिए जागरुकता की शुरुआत के क्रम में1987 से हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाते हैं। आजसारी दुनिया की 90% आबादी इसके 10% भाग में निवास करती है। विश्व की आबादी कही 11-50/वर्ग कि.मी.

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सरकार आपकी

लाल बिहारी लाल अब कैसे गलेगी दाल सरकार आपकी जनता का हाल बेहाल सरकार आपकी अब कैसे गलेगी दाल...... अच्छे दिनों का वादा करके सता में आये थे बेरोजगारी महँगाई पर जनता को भाये थे चार साल में जनता को कर दिया कंगाल अब कैसे गलेगी दाल...... खत्म किया सब्सिडी सब, दाम बढ़ाया रोज जनता करे त्राहि-त्राहि,मुश्किल हो गया

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प्रणव दा का समकालीन पाठ

विश्वजीत राहा (स्वतंत्र टिप्पणीकार) पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय जाना और संघ के शिक्षा वर्ग को संबोधित करने पर जितना राजनीतिक भूचाल पहले था, कमोबेश वही भूचाल संबोधन के बाद भी है। भारतीय जनता पार्टी व विपक्षी पार्टियां इस संबोधन की व्याख्या अपने

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कविता – जवाब देना होगा

 नीरज त्यागी                                                          एक अजीब सी ख्वाईश थी कभी। बुलंदियों का आसमान छूने की ।। आज भी आसमान छूने की ख्वाईश है । पर अब आसमान

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तेजी से बढ़ रही मिड कैप कंपनियों का स्थान है भारत

आशुतोष बिश्नोई (प्रबंध निदेशक, महिंद्रा म्युचुअल फंड)                               भारत पिछले कुछ सालों से वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों में से एक है और पिछले 8 सालों में इसकी अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर

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