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26 जनवरी…बचपन की ख्वाहीश जो साकार हुई!

 गोपाल खेताणी २६ जनवरी... एक ऐसा दिन जब मैं और मेरे दोस्त स्कूल के दिनो में ध्वजवंदन कर तुरंत घर पे आकर टीवी पर चीपक जाते थे....हां .. परेड देखने । आप सब को भी वो दिन याद आ रहे होंगे.. हैं ना? स्कूलींग राजकोट (गुजरात) में हुइ। उस समय में सोचता

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“शौर्यम..दक्षम..युध्धेय..! बलिदान परम धर्म !

गोपाल खेताणी ये नया हिंदुस्तान है...ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी।   कई लोग उडी फिल्म देख चुके होंगे..तो कई लोग इसके बारे में सुन चुके होंगे। मैं यहां मूवी का रिव्यु नहीं लिख रहा। पर मैं लिखना चाहता हुं उन अल्फाझों को जो दील पे दस्तक दे रहे हैं। कुछ लोगों

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ताकि सिर्फ डिग्रीधारी न बनें बच्चे

विश्वजीत राहा (स्वतंत्र टिप्पणीकार) वोट बैंक के जरिये सत्ता हासिल करने की सियासत ने इन दिनों इतना शोर मचा रखा है कि सरकार के अच्छे कार्यों की चर्चा अब कम ही हो पाती है। बीते संसद सत्र में लोक कल्याण से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित हुआ, पर चर्चा वोट बैंक

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सवर्ण आरक्षण से उपजे सवाल

विश्वजीत राहा (स्वतंत्र टिप्पणीकार) अपने कार्यकाल के अंतिम सत्र में मोदी सरकार ने सवर्णों के लिए तथाकथित आरक्षण का मास्टर स्ट्रोक खेल कर सभी विपक्षी पार्टियों को सकते में डाल दिया। द्रमुक व राजद जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़कर कोई भी विपक्षी पार्टी इस बिल को विरोध करने का हिम्मत तक

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वैवाहिक मूल्यों में घटती निष्ठा

डॉ कामिनी वर्मा भदोही ( उत्तर प्रदेश ) भारतीय संस्कृति आध्यात्मिकता पर आश्रित है। मानव जीवन का वास्तविक सुख, शांति और समृद्धि आध्यात्मिकता में निहित है। यहां जीवन का प्रत्येक कार्य व्यापार धर्म से आच्छादित है। धर्म से मेरा आशय हिन्दू, मुस्लिम सिख, इसाई से न होकर मानव धर्म से है, जीवन

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मानव अधिकार दिवस पर विशेष- 10 दिसंबर मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

लाल बिहारी लाल (दिल्ली) आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया प्राप्त है। मानवअधिकारों से अभिप्राय''मौलिकअधिकारों एवं स्वतंत्रत से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमेंस्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना है। जैसे कि जीवन और आजादरहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून

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गुदरी के लाल – देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद

लाल बिहारीलाल गुदरी के लाल देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3दिसम्बर1884 को बिहार केतत्कालिन सारणजिला(अबसीवान)के जीरादेईगांवमें एक कायस्थ परिवार में हुआ था।इनके पिता महादेव सहाय हथुआ रियासत के दीवन थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसेछोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके लाडले थे। इन्हें चाचा भी काफी लार प्यार करतेथे। राजेन्द्रबाबू के पिता महादेव

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हिन्दीके सर्वाधिक लोकप्रिय कवि – हरिवंश राय बच्चन

लाल बिहारी लाल  हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर 1907 में इलाहाबाद से सटे जुलाप्रतापगढ़ के एक छोटे से गाँव बाबूपट्टीमें एक कायस्थ परिवार मे हुआ था। इनके पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव तथा माता का नाम सरस्वती देवी था। इनको बाल्यकाल में 'बच्चन' कहा जाता था जिसका शाब्दिक अर्थ 'बच्चा' या संतान

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बच्चों के चाचा-जवाहर लाल नेहरू

लाल बिहारी लाल (दिल्ली) बच्चे हर देश का  भविष्य और उसकी तस्वीर होते हैं. बच्चे ही किसी देश के आने वाले भविष्य को तैयार करते हैं. लेकिन भारत जैसे देश में बाल मजदूरी, बाल विवाह और बाल शोषण के तमाम ऐसे अनैतिक और क्रूर कृत्य मिलेंगे जिन्हें देख आपको यकीन नहीं होगा कि यह वही

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पहली महिला प्रधानमंत्री औऱ आयरन लेडी- इंदिरा गांधी

लाल बिहारी लाल आयरन लेडी इंदिरा गांधी का जन्म देश के एक आर्थिक एंव बौद्धिक रुप से सभ्रांत परिवार में पं. जवाहरलाल नेहरु के घऱ में 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद के आनंद भवन में हुआ था। इनके माता का नाम कमला नेहरु तथा दादा का नाम पं. मोती लाल नेहरु

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