Home > होम

शीर्षक ” माँ ” पर कुछ कवि एवं साहित्यकारों के रचनात्मक विचार

1- माँ के क़दमों में है जन्नत ये बताने वाले मुझको लगता है कि जन्नत से वो आगे न गए दीक्षित दनकौरी 2- जीवन के हर मोड़ पर, छले गए हर बार। मां की ममता साथ थी,हार गया संसार।। सरिता गुप्ता दिल्ली 3- माँ जीवन का सार है, माँ है तो संसार। माँ बिन जीवन लाल का,समझो है बेकार।। लाल बिहारी लाल 4-- रहे

Read More