Monday, June 14, 2021
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एमएसएमई के लिए फंडिंग, नालेज शेयरिंग और डिजिटल सोल्यूशंस तक आसान पहुंच को सक्षम करने के लिए यस बैंक ने लॉंच किया ‘यस एमएसएमई’

संवाददाता (दिल्ली)- यस बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने और फंड तक उनकी पहुंच को आसान करने के लिए यस एमएसएमई को पेश किया है। यह ऑफर एमएसएमई की व्यावसायिक और व्यक्तिगत, दोनों आवश्यकताओं का खयाल रखते हुए नए दौर के उद्यमियों को फंडिंग देने और उनकी क्षमता को अधिकतम करने वाली सुविधाओं से लैस है। ग्राहकों और उद्योग संघों की अंतर्दृष्टि और प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, यस एमएसएमई ऑफऱ को पेश किया गया है।
यस एमएसएमई, व्यापार के विस्तार, गति को बनाए रखने और खुदरा, विनिर्माण, थोक, व्यापार और सेवा प्रदाताओं के लिए ऋण, जमा, बीमा, अनुकूलित और अलग-अलग डिजिटल समाधान के माध्यम से विकास को गति देने में एमएसएमई का समर्थन करने पर केंद्रित है। इसमें स्व-नियोजित सेगमेंट के लिए विशेष चालू खाते का आॅफर भी शामिल है।
यस बैंक 18 से 22 जनवरी, 2021 तक एमएसएमई कार्निवल के दौरान इस कार्यक्रम के शुभारंभ का जश्न मना रहा है, जिसमें बैंक के एमएसएमई पर भारत भर में कई ग्राहक-केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं; इसमें डीलर और ओईएम भागीदारों के माध्यम से सक्रिय भागीदारी वाली शाखाएं हैं। इन कार्निवलों की मेजबानी के लिए बैंक ने 700़ से ज्यादा भागीदारी की है।
एमएसएमई और सड़क परिवहन व राजमार्ग केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस क्षेत्र की अकूत संभावनाओं को इंगित करते हुए कहा कि ‘इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। क्षेत्र ने अब तक 11 करोड़ रोजगार सृजित किए हैं और अर्थव्यवस्था का 30 फीसदी हिस्सा इस क्षेत्र से आता है। इस क्षेत्र में निवेश समय की मांग है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस पहल से उद्योग और सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का विस्तार करने में मदद मिलेगी। मैं एमएसएमई क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने की दीर्घकालिक योजना के तहत इस नई पहल के लिए यस बैंक को बधाई देता हूं। यस बैंक की टीम सहित एमडी व सीईओ श्री प्रशांत कुमार को 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने के केंद्र सरकार के बड़े विजन में योगदान करने के लिए शुभकामनाएं।’
यस बैंक के एमडी और सीईओ श्री प्रशांत कुमार ने लॉन्च के दौरान कहा, ‘यस बैंक इस रोजगार-गहन क्षेत्र के विकास का समर्थन करने और अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक का यह प्रस्ताव एमएसएमई के लिए वित्त तक पहुंच में सुधार करेगा और अन्य ग्राहक-केंद्रित उपायों के बीच उनकी प्रौद्योगिकी उन्नयन का समर्थन करेगा। मुझे विश्वास है कि हमारे उपायों से ठोस परिणाम निकलेंगे और एक आत्मनिर्भर राष्ट्र की सामूहिक दृष्टि में योगदान मिलेगा।’
यह प्रस्ताव डिजिटल ऋण देने और फिनटेक भागीदारी, दोनों के माध्यम से पूंजी तक तेजी से पहुंच प्रदान करते हुए बिजनेस की रिइंजीनियरिंग करता है। बैंक के एमएसएमई ग्राहकों व प्रमोटरों, सहित बिजनेस को सशक्त बनाते हुए ग्राहकों के अनुभव को विस्तृत करता है।
विशेष रूप से, नवीन स्टार्टअप कार्यक्रम, स्पार्क कंसल्टेंसी और एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) के साथ, 5 करोड़ रुपए तक का संपाशर््िवक-मुक्त धन प्रदान करता है।
इसके अलावा, बैंक से एमएसएमई ऋणों के प्रसंस्करण के लिए टर्नअराउंड समय काफी कम होगा। अन्य विशेषताओं में प्री-अप्रूव्ड कमर्शियल क्रेडिट कार्ड, समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर के साथ सलाहकार और धन प्रबंधन समाधान शामिल हैं।
कोराना के चलते तनाव में आए एमएसएमई क्षेत्र के जीडीपी योगदान को बढ़ाने के लिए यस बैंक की ओर से एक यह एक और सार्थक कदम उठाया गया है। एमएसएमई का जीडीपी में वर्तमान योगदान 30 फीसदी है, जिसे 50 फीसदी तक बढ़ाने की सरकार की परिकल्पना है।

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